Wednesday, September 18, 2019 05:34 PM

पश्चिमी देशों में गर्मियों के महीनों में घडि़यां आगे क्यों की जाती हैं

इसकी   वजह ये है कि उत्तरी गोलाद्र्ध में गर्मियों में सूरज बहुत जल्दी उगता है और देर से डूबता है। इसलिए अगर घडिय़ां आगे कर दी जाएं तो दिन की रोशनी का ज्यादा उपयोग हो सकता है। इसका सुझाव सबसे पहले 1784 में सुप्रसिद्ध वैज्ञानिक बैंजामिन फरैंकलिन ने दिया था।  फिर सन् 1907 में विलियम वैलैट नामके एक अंग्रेज ने वसंत से लेकर पतझड़ तक घडिय़ों को 80 मिनट आगे करने जाने का सुझाव दिया, लेकिन ब्रिटन की संसद ने इसे ठुकरा दिया।  सन् 1916 में आखिरकार एक अधिनियम पारित किया गया जिसके अनुसार वसंत में घडिय़ों को एक घंटा आगे करने और फिर पतझड़ में उन्हें ग्रीनिच मान समय पर लौटा देना तय हुआ। यूरोपीय संसद के एक अधिनियम के अनुसार मार्च महीने के अंतिम रविवार से लेकर अक्तूबर के अंतिम रविवार तक ग्रीष्म कालीन समय लागू रहता है।