Monday, April 06, 2020 06:39 PM

पहला नवरात्र…मां का आंगन सूना

कर्फ्यू के चलते नंदिकेश्वर धाम में पुजारी ने मां को नए वस्त्र पहनाकर की पूजा-अर्चना

चामुंडा   - श्रीचामुंडा नंदिकेश्वर धाम में चैत्र नवरात्र के प्रथम दिन कोई भी श्रद्धालु मां चामुंडा के द्वार नहीं पहुंचा। कोरोना वायरस के चलते प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर तथा जिलाधीश राकेश प्रजापति के आदेशों के अनुसार 21 दिन के लिए पूर्ण रूप से कर्फ्यू लगा दिया है, जिसके चलते चामुंडा मंदिर में बुधवार को कोई भी श्रद्धालु नहीं पहुंचा। मंदिर के पुजारी बबलू ने सुबह पांच बजे मां चामुंडा का कपाट खोलकर विधिवत स्नान करवाकर मां चामुंडा को नए वस्त्र धारण कर सुबह होने वाली आरती का आठ बजे  आयोजन किया, जिसमें शिव मंदिर के पुजारी कुलदीप गोस्वामी, बॉबी गोस्वामी तथा मंदिर कर्मचारी नवल किशोर ने भाग लिया। इसके उपरांत मां को हलवे और चने का भोग चरणों मे अर्पित कर मंदिर के कपाट बंद कर दिए गए। तदोपरांत शिव मंदिर में भी इन पुजारियों द्वारा ही विधिवत पूजा-अर्चना कर आरती की गई। इसके अलावा मंदिर परिसर के चारों ओर सन्नाटा पसरा हुआ था। मंदिर अधिकारी सुमन धीमान ने बताया कि मंदिर को पूर्व की भांति न किसी बाहर से आने वाले फूलों से सजाया गया है, न कोई इसके अतिरिक्त कोई सजावट की गई है। मात्र रोज की तरह ही मंदिर में पूजा-अर्चना कर मां को हलवा और चने का भोग लगाया जा रहा है तथा रात को आरती के उपरांत खीर तथा आलुओं का भोग मां के चरणों में अर्पित किया जाएगा। आरती के उपरांत मंदिर को बंद कर दिया गया, वहीं पुलिस चौकी प्रभारी प्रमोद व उनके सहयोगियों तथा यातायात पुलिस प्रभारी वरिंद्र ने अपने सहयोगियों के साथ सुबह 6ः00 बजे नाका लगाकर नियमों का उल्लंघन करने वालों पर शिकंजा कसाना शुरू कर दिया था। किसी भी व्यक्ति को नाके से आने जाने की अनुमति नहीं दी गई। मात्र दो व्यक्ति जो बीमार थे, उनको जाने की अनुमति प्रदान की गई।  नियमों को न मानने वाले लोगों को भी चामुंडा पुलिस भी खातिरदारी करने में पीछे नहीं रही। चामुंडा पुलिस जिलाधीश के आदेशों के अनुसार सुबह आठ बजे से 11ः00 बजे तक कर्फ्यू में छूट गई दी गई थी, जिसके चलते सब्जी, किराना व मेडिकल स्टोर डाढ तथा बडोई ही  खुले रहे। पिछले दो दिनों की अपेक्षा आज कम संख्या में लोग प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बड़ोई में पहुंचे। कुल मिलाकर आज लोगों ने पूर्ण रूप से कर्फ्यू का पालन किया।