Monday, July 13, 2020 03:11 AM

पहली से दौड़ेंगी बसें

 जनता को एक हफ्ता करना होगा इंतज़ार

शिमला-हिमाचल प्रदेश में पब्लिक ट्रांसपोर्ट के लिए एक सप्ताह का इंतजार करना होगा। सरकार ने फैसला ले लिया है कि पहली जून से प्रदेश में सड़कों पर बसें दौड़ेंगी। हालांकि जिन शर्तों के साथ सरकार पब्लिक ट्रांसपोर्ट को खोलेगी, वे शायद निजी बस ऑपरेटरों को मान्य नहीं होंगी, क्योंकि सरकार ने बस किराए में बढ़ोतरी से साफ इन्कार कर दिया है। कैबिनेट ने शनिवार को निर्णय लिया है कि पहली जून से पब्लिक ट्रांसपोर्ट खुलेगी और टैक्सी व ऑटो को तुरंत प्रभाव से चला दिया जाएगा। इन्हें परमिट लेने की जरूरत नहीं होगी, जिसे लेकर उपायुक्त आदेश जारी करेंगे। टैक्सी में यात्रा के लिए सामाजिक दूरी की शर्तें लागू की जाएंगी। माना जा रहा था कि अगले एक दो दिन में सरकार बसें शुरू कर देगी, परंतु ऐसा नहीं हुआ। 31 मई तक सरकार ने बाहरी राज्यों से हिमाचल के लोगों को वापस लाने का निर्णय लिया है और इनकी संख्या लगातार बढ़ रही है। बाहर से आने वालों में कोरोना का संक्रमण भी काफी ज्यादा पाया जा रहा है। ऐसे में यहां सरकार ने फिलहाल बसें चलाने की इजाजत नहीं दी, मगर राहत की बात यह है कि पहली जून से बसें चल सकेंगी। कैबिनेट की बैठक में एचआरटीसी ने अपनी प्रेजेंटेशन दी और बताया कि किस तरह यहां बसें शुरू की जा सकती हैं। बसों को सेनेटाइज करने, किन रूटों पर चलेंगी, ये सब कुछ यहां कैबिनेट के सामने बताया गया।

शर्तें लागू, नहीं बढ़ेगा किराया

कंटेनमेंट ज़ोन से बसें गुजरेंगी; पर सवारी न उतरेगी, न ही चढ़ेगी

कंटेनमेंट ज़ोन में सवारियों को चढ़ाने या उतारने में पाबंदी होगी। प्रदेश में जो भी कंटेनमेंट ज़ोन हैं, वहां से बसें गुजरेंगी तो जरूर, मगर उनमें कोई बैठ नहीं सकेगा। चालक व परिचालक इसे सुनिश्चित बनाएंगे।

50 फीसदी क्षमता

हिमाचल में बसों में आधी सवारियों  की शर्त लागू रहेगी। यानि आधी क्षमता के साथ ही बसें चलाई जाएंगी। इसे लेकर पहले कहा जा रहा था कि नुकसान से बचने के लिए यहां बस किराए में बढ़ोतरी कर दी जाए, परंतु सरकार ने इसपर विचार किया लेकिन किराया नहीं बढ़ाए जाने का निर्णय लिया है।

पहली जून के बाद दफ्तरों में भी बढ़ाया जा सकता है स्टाफ

कैबिनेट में यह भी चर्चा हुई कि पहली जून से बसों की आवाजाही शुरू करने के साथ यहां दफतरों में स्टाफ भी बढ़ा सकती है, क्योंकि तब बसों में यात्रा शुरू हो जाएंगी और लोगों को दफ्तर आने की दिक्कत नहीं रहेगी।