Monday, November 18, 2019 04:06 AM

पहले अलॉट की छह दुकानें, फिर बोली रद्द

संधोल—मंगलवार को संधोल बस अड्डे में बनी छह दुकानों के लिए बुलाई गई नीलामी को निगम प्रबंधन ने बड़े नाटकीय ढंग से पहले अधिकतम बोली दाताओं को अलॉट कर दिया और फिर इसे रद्द कर दिया। रद्द करने के पीछे तर्क यह था कि मुख्य कार्यालय ने इसे रद्द करने को कहा है। क्योंकि इन दुकानों से मिलने वाले राजस्व का लक्ष्य पूरा नहीं हो पाया, जो कि कम से कम 14 लाख रुपए प्रति दुकान था, लेकिन प्रबंधन ने यह बात पहले ही क्यों नहीं बताई थी। मंगलवार को धर्मपुर में हुई इस नीलामी में संधोल के करीब 50 लोगों ने भाग लिया और बोली में चार दुकानें 20 लाख रुपए में सुरेंद्र ठाकुर ने ली, जबकि 6 लाख रुपए की बोली एक दुकान शेखर व एक दुकान की बोली साढ़े आठ लाख की सुमन सकलानी को मिली। लेकिन अचानक .स्त होने की सूचना मिल गई, जिसके बाद यहां खूब हो हल्ला और नारेबाजी हुई। दरअसल नीलामी से पहले ही लोगों में इसकी पारदर्शिता को लेकर संदेह था, क्योंकि दस हजार से ज्यादा छोटी से छोटी नीलामी के लिए इश्तहार निकालने वाले परिवहन निगम ने पहले लाखों रुपए की इस नीलामी के लिए कोई विज्ञापन जारी नहीं किया। वहीं संधोल सब-डिपो के बजाय इतने लोगों को धर्मपुर में ही बुलाया गया। वहीं धर्मपुर से खाली हाथ लौटे यहां से दर्जनों लोगों का कहना था कि जब ऐसा ही प्रबंधन को करना था तो नीलामी से पहले ही यह शर्त क्यों छिपाई गई कि हर दुकान का निर्धारित रेट क्या रहेगा। वहीं महज 10 वर्गमीटर की छोटी दुकानों के लिए 14 लाख से ऊपर ये दुकानंे आगे होने वाली नीलामी में भी इसी दर पर जाएं, इसकी भी अब क्या गारंटी है। इसको लेकर चार दुकानों को लेकर बोली लगाने वाले सुरेंद्र ने अब न्यायालय में निगम के इस सारे प्रकरण को ले जाने का मन बना लिया है। वहीं इस सारे प्रकरण को लेकर परिवहन निगम के मंडलीय प्रबंधक मंडी अमरनाथ सलूरिया ने बताया कि निगम प्रबंधन को यह हक है कि सही लक्ष्य का राजस्व न मिलने पर नीलामी को दोबारा करवा सकता है। मौजूदा नीलामी को शिमला मुख्य कार्यालय मंजूरी को भेजा है अगर मंजूर नहीं हुआ तो दोबारा नीलामी की जाएगी।