Friday, October 18, 2019 12:51 PM

 …पहाड़ उठा ले आए हनुमान

मेछनाद से युद्ध करते घायल हुए भगवान लक्ष्मण, मंच पर कलाकारों ने जमाया रंग

डलहौजी -रामा नाटक क्लब के तत्वावधान में आयोजित रामलीला की नौवीं रात्रि का आगाज नवदुर्गा जी की आरती जय अंबे गोरी मईया से किया गया।  इसके पश्चात अंगद रावण संवाद और लक्ष्मण मूर्छा प्रसंग के मंचन से दर्शक रामायण युग में जाने को विवश हो उठे। मंचन में अंगद श्रीराम के दूत बनकर रावण के पास जाते हैं। अंगद ने रावण को समझाया, लेकिन वह नहीं माना। तब अंगद ने अपना पैर रावण की सभा में जमा दियाए लेकिन कोई भी योद्धा उनका पैर नहीं उठा सका। रावण आगे बढ़ा तो अंगद ने पैर हटाते हुए कहा कि दूत के पैर पकड़ना अच्छी बात नहीं है। इसके बाद राम-रावण के बीच युद्ध की घोषणा हो गई। लक्ष्मण और मेघनाद के बीच युद्ध हुआ, जिसमें लक्ष्मण मूर्छित हो गए लक्ष्मण मूर्छा प्रसंग का मंचन देख दर्शक भावुक हो गए। इस दौरान रामलीला में दर्शकों को भरत-हनुमान भेंट प्रसंग प्रभावित करने में सफल रहा। आकाश मार्ग से जा रहे हनुमान ने जब धरती पर भरत को देखा तब वे भरत से मिलने के लोभ से स्वयं को रोक नहीं पाए। भरत ने हनुमान के माध्यम से अपने अग्रज व अनुज राम-लक्ष्मण का हाल जाना। सुषैन वैध के कहने पर हनुमान संजीवनी बूटी लेने गए, लेकिन पहचान नहीं होने पर वह पूरा पर्वत ही उठा लाए। लक्ष्मण के होश में आने पर रामदल में खुशी छा गई। इसके उपरांत श्रीराम द्वारा कुंभकर्ण का वध करने उपरांत विभीषण के बताए अनुसार रावण की नाभि में बाण मारने से रावण के अंत का दृश्य मंचित किया गया। रावण का वध होते ही पूरा पंडाल जय श्री राम के उदघोष से गूंज उठा। उधर, मंगलवार को डलहौजी में दशहरा पर्व की खूब धूम रही। डलहौजी में रावण दहन से पहले रामलीला के पात्रों ने जनता का खूब मनोरंजन किया। रामा नाटक क्लब के अध्यक्ष अश्वनी पलाह व् अन्य पदाधिकारियों ने सभी कलाकारों ने नगरवासियों को दशहरे के सफल आयोजन पर बधाई दी। इसके साथ रावण के पुतले का दहन भी किया गया।