Friday, October 18, 2019 04:18 PM

पांच घंटे बाद ढांक से निकाला शव

मुंगणा में पेश आया हादसा, अग्निशमन केंद्र सुन्नी एवं एनडीआरएफ  की टीम के संयुक्त प्रयासों से निकाली लाश

सुन्नी -थाना सुन्नी के तहत मुंगणा ढांक में फंसे युवक के शव को रविवार देर रात अग्निशमन केंद्र सुन्नी एवं एनडीआरएफ टीम के संयुक्त प्रयासों से निकाला गया। अग्निशमन केंद्र सुन्नी एवं एनडीआरएफ  टीम द्वारा पांच घंटे तक किए गए सर्च ऑपरेशन के बाद शव को नागरिक अस्पताल सुन्नी के शवगृह में पहंुचाया गया। सोमवार को शव का पोस्टमार्टम करके परिजनों को सौंपा गया। प्रशासन की ओर से तहसीलदार सुन्नी देवपाल चौहान ने परिजनों को फौरी राहत के तौर पर बीस हजार रुपए प्रदान किए। मृतक की पहचान धर्मचंद पुत्र संतराम के तौर पर हुई है। गौर है कि रविवार को बसंतपुर का उक्त युवक मुंगणा ढांक में मृत पाया गया था जिसे देर रात निकाला गया। पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार रविवार दोपहर बाद पुलिस चौकी जलोग प्रभारी दिलू राम को सुन्नी लुहरी मार्ग में मुंगणा ढांक में अज्ञात व्यक्ति के फंसे होने की सूचना मिली। थाना सुन्नी से पुलिस अधिकारी एवं जवानों सहित मौके पर पहंुचने पर पाया गया कि युवक सड़क से लगभग 120 सभी मीटर नीचे पड़ा हुआ है जिसे निकलना बेहद कठिन कार्य लग रहा था। पुलिस ने अग्निशमन केंद्र को इसकी सूचना दी। अग्निशमन प्रभारी हरीश की अगवाई में अग्निशमन जवान मौके पर पहुंचे तथा ढांक में फंसे युवक को निकालने के प्रयास किए। शव सीधे ढांक में सतलुज की ओर फंसा था जिसे नीचे नदी की ओर ही निकाला जाना था। इसके लिए एनडीआरएफ की टीम को बुलाया गया। शव को एनडीआरएफ की नाव में उतार कर नागरिक अस्पताल सुन्नी पहुंचाया गया। इस कार्य को अंजाम देने के लिए अग्निशमन केंद्र सुन्नी एवं एनडीआरएफ के जवानों को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। दोनों दल रात तक जूझते रहे। मुंगणा से कालीघाट पुल सुन्नी तक शव को नाव में लाकर पुलिस के सपुर्द किया गया। पुलिस उपाधीक्षक शिमला दिनेश शर्मा ने बताया कि सुन्नी के समीप ढांक में फंसे युवक के शव का शनिवार को पोस्टमार्टम किया गया। युवक की मौत गिरने के कारण हुई है।