Tuesday, January 21, 2020 11:25 AM

पांवटा अस्पताल में स्टाफ की कमी मरीजों पर भारी

सिविल हास्पिटल में दिनोंदिन बढ़ रहे मरीजों के आगे बौना पड़ रहा है स्टाफ, प्रतिदिन 700 ओपीडी दर्ज

पांवटा साहिब-पांवटा साहिब के सिविल अस्पताल में दिनोंदिन बढ़ रही मरीजों की तादाद के कारण अस्पताल मंे स्वास्थ्य सेवाएं चरमराने लगी हैं। बढ़ती ओपीडी के कारण एक मरीज को अपनी स्वास्थ्य जांच पूरा करने के लिए पूरा दिन तक लग जाता है। आजकल भी मरीजों की आमद में खासा इजाफा देखा गया जिससे स्टाफ की कमी खलने लगी थी। प्राप्त जानकारी के मुताबिक पांवटा सिविल अस्पताल में रोजाना करीब 600-700 ओपीडी दर्ज होती है। आजकल तो सूखी ठंड के कारण वायरल आदि के केस आने से ओपीडी इससे भी ज्यादा हो रही है। ओपीडी की संख्या एक हजार तक पहुंच रही है। डाक्टर व अन्य स्टाफ की कमी के चलते लोगों को लंबी-लंबी लाइनों में लगकर पहले पर्ची बनानी होती है। फिर इसके बाद डाक्टर के पास भीड़ होने के कारण एक से दो घंटे लग जाते हैं। यदि कोई टेस्ट लिख दिया तो पूरा दिन अस्पताल में बैठना पड़ता है। प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने इस अस्पताल का उद्घाटन किया था और जनता को नौ करोड़ का तीन मंजिला सुंदर अस्पताल सौंपा था, लेकिन यहां पर जनता को सुविधाएं चाहिए। जानकार बताते हैं कि गर्भवती महिलाओं को डिलीवरी के समय रैफर कर दिया जाता है। थोड़ी ही ज्यादा चोट लग जाए तो रैफर कर दिया जाता है। यहां पर काफी समय से आपरेशन भी नहीं हो रहे हैं।

  ये पद हैं रिक्त

पांवटा के सिविल अस्पताल में डाक्टरों में सर्जन के अलावा चीफ फार्मासिस्ट, मैटर्न, वार्ड सिस्टर, एफएचएस, रेडियोग्राफर, लैब टेक्नीशियन, लैब सहायक, क्लीनर, ओटीए, कुक व कई अन्य पद लंबे समय से खाली पड़े हैं। इन पदों के खाली होने के अलावा जो पद सृजित हैं उनमें से भी कई पदों को ठेके पर भरा गया है। स्टाफ नर्स की भारी कमी है, जिस कारण सामान्य वार्ड में पेशेंट की भर्ती भी नहीं की जा रही है। अस्पताल प्रभारी डा. संजीव सहगल का कहना है कि विभाग को रिक्त पदों का ब्योरा भेजा गया है। उन्होंने भी माना कि पांवटा अस्पताल में ओपीडी की संख्या बढ़ रही है।