पांवटा में भाजपा नेता की धौंस

 सीएम ऑफिस का रौब दिखाकर ट्रैफिक पुलिस कर्मी से उलझा 

पांवटा साहिब —भाजपा सरकार में सत्ता के नशे में चूर छुटभैया नेताओं की दादागिरी की खबरें अकसर सुनने और देखने को मिलती रहती हैं। हिमाचल में भी निचले स्तर के छुटभैया नेता भी अधिकारियों को धमकाने और अपनी धौंस दिखाने का कोई मौका नहीं छोड़ते। ऐसा ही एक मामला पांवटा साहिब में भी सामने आया है।  दरअसल पांवटा शहर के बीचोंबीच व पुलिस थाने के ठीक सामने वाली गली के बीच में एक ट्रक खड़ा था, जिससे लोगों को थाना, पटवार खाना व आयुर्वेदिक डिस्पेंसरी तक पहुंचने में दिक्कतें आ रही थी।  जब ट्रैफिक पुलिस ट्रक को हटाने पहुंची तो भाजपा का एक छुटभैया नेता आ धमका। पुलिस ने जब ट्रक को हटाने को कहा तो छुटभैया नेता ने दादागिरी शुरू कर दी। ट्रैफिक पुलिस को ऊंची पहुंच की धौंस से धमकाने लगा। सीएम ऑफिस तक ऊंची पहुंच का रौब भी झाड़ने लगा। यही नहीं  उसने कहा कि एक अधिकारी पांवटा आने पर उसके पास ही आकर रुकता है। विधायक व शिलाई के पूर्व विधायक भी उसके खास हैं। उसके पास दोनों का आना जाना है। ट्रैफिक पुलिस टीम ने जनता की दिक्कतों के बारे में बात की, लेकिन भाजपा के छुटभैया नेता की दादागिरी चरम पर थी। नेता की धौंस के बाद भी ट्रैफिक पुलिस अपने नैतिक कर्त्तव्य व जनता की दिक्कतें दूर करने पर अड़ी रही। मौके पर पहुंचे जवान ने कहा कि ड्यूटी के लिए ट्रांसफर भी मंजूर है। आपकी पहुंच जितनी भी हो उन्हें ड्यूटी से नहीं रोक सकते। नेता का पारा इससे चढ़ गया और शिमला तक फोन घुमाने लगा, लेकिन पुलिस अपने कर्त्तव्य पर अड़ी रही और गली में वाहनों को आने जाने में दिक्कत दूर करने के लिए ट्रक को हटवाया गया। उधर, पांवटा के ट्रैफिक पुलिस इंचार्ज एएसआई योगराज ने बताया कि जनता की सुविधा सर्वोपरि है। इस तरह की दादागिरी ट्रैफिक पुलिस पर नहीं चलेगी। ऐसी बदतमीजी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।  पांवटा थाना प्रभारी संजय शर्मा ने बताया कि इस तरह के मामले की सूचना मिली थी, लेकिन बाद में मामला सुलझ गया था।

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