Saturday, August 08, 2020 05:14 AM

पांवटा साहिब को सैरगाह का इंतजार

 धार्मिक नगरी में नहीं है घूमने फिरने व बोटिंग की कोई जगह, सरकार से सुविधा देने की उठाई मांग

पांवटा साहिब-गुरु गोबिंद सिंह जी की पावन धार्मिक नगरी पांवटा साहिब को धार्मिक पर्यटन की दरकार है। यहां पर रोजना सैकड़ों हजारों श्रद्धालु पहुंचते हैं, लेकिन अभी तक पांवटा साहिब में श्रद्धालुओं और पर्यटकों को घूमने फिरने के लिए कोई सुंदर व रमणीक स्थल का इंतजार है। पांवटा नगर दिन प्रतिदिन उन्नत्ति के पथ पर अग्रसर है। यहां पर स्थित श्री गुरु गोबिंद सिंह जी के गुरुद्वारे में रोजाना सैकड़ों-हजारों की तादात में संगत व श्रद्धालु शीश नवाने आते हैं, लेकिन उसके बाद यदि उन्हें कहीं घूमना फिरना हो तो न तो कोई बड़ा रमणीक पार्क है और न ही कोई सैरगाह। यह नगर तीन राज्यों का सीमांत नगर है। पांवटा पड़ोसी राज्य हरियाणा, उत्तर प्रदेश व उत्तराखंड की सीमा पर यमुना नदी के किनारे बसा हुआ है। अपार संभावनाओं के बावजूद यहां पर प्रशासन व नगर परिषद की तरफ से न तो सुंदर सैरगाह का निर्माण करवाया गया है और न ही कोई बड़ा रमणीक पार्क बनाया गया है। हालांकि यमुना पथ का निर्माण जरूर हुआ है जहां लोग घूमने जाते हैं। यही नहीं नदी के किनारे स्नानघाट पर कोई स्नानागार भी नहीं बन पाए हैं जिससे महिला श्रद्धालुओं को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। हालांकि शहर में दो छोटे-छोटे पार्क बने हुए हैं, लेकिन भक्तों व पर्यटकों की बढ़ती तादात के आगे वह नाकाफी लगते हैं। जानकारों का कहना है कि यहां पर यमुना नदी के पानी को एक जगह इकट्ठा करके बोटिंग आदि की भी सुविधा प्रदान की जा सकती थी लेकिन इस दिशा में भी अभी तक कार्य सिरे नहीं चढ़ पाया है। अब यह प्रशासन की दूरदर्शिता की कमी है या लापरवाही कि इस दिशा में अभी तक नहीं सोचा गया है। सीमांत नगर होने के कारण यहां से होकर रोजाना सैकड़ों पर्यटक धर्मशाला, शिमला और कुल्लू मनाली आदि के लिए निकलते हैं।  उनमें से ज्यादातर पर्यटक यहां के ऐतिहासिक गुरुद्वारे में शीश नवाने उतरते हैं तथा बाजार आदि का भ्रमण करते हैं, लेकिन यदि स्थानीय प्रशासन या प्रदेश सरकार उनके सैरगाह व ठहराव के बढि़या प्रबंध करें तो पर्यटक यहां की आर्थिक स्थिति को भी सुदृढ़ करने में अपनी भूमिका निभा सकते हैं। पांवटा के बुद्धिजीवियों का मानना है कि यमुना घाट के समीप यदि स्थानीय प्रशासन व नगर परिषद कृत्रिम झील का निर्माण कर बोटिंग का कार्य शुरू करते हैं तो पांवटा में धार्मिक पर्यटन को चार चांद लग सकते हैं। इस बारे नगर परिषद की अध्यक्षा सीमा चौधरी और उपाध्यक्ष राजेंद्र सिंह मान ने बताया कि इस दिशा में नगर परिषद ने स्नानघाट पर स्नानागार बनाने को लेकर नप में प्रस्ताव पास किया कर टुरिज्म को भेजा है। उन्हें रिमाइंडर भी भेजा जा चुका है लेकिन अभी तक कोई जवाब नहीं आया है।

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