Tuesday, September 17, 2019 02:48 PM

पाकिस्तान की गलतफहमी

 - विक्रम ठाकुर, सोलन

पहले 1948, फिर 1965, बाद में 1971 और इसके बाद 1999 में कारगिल युद्ध में भारत, पाकिस्तान को कड़ा सबक सिखा चुका है। इसके बावजूद पाकिस्तान बाज आने का नाम नहीं ले रहा है। हाल के दिनों में सर्जिकल स्ट्राइक तथा फिर एयर स्ट्राइक के बावजूद पाकिस्तान सुधरने का नाम नहीं ले रहा है। उसके नेता और सैन्य अधिकारी हर रोज भारत को गीदड़ भभकियां दे रहे हंै कि पाकिस्तान परमाणु जखीरे का प्रयोग करके भारत को बर्बाद कर देगा। उधर पाकिस्तानी जनता देश पर बढ़ते कर्ज और गरीबी-भुखमरी की शिकार होकर अपनी सरकार को कोसने में लगी है। ऐसी स्थिति में पाकिस्तान के आकाओं की ओर से लड़ाई का उन्माद फैलाना जनता का ध्यान बांटने के लिए किया गया कृत्य ही लगता है। विवेकशीलता इसी बात में है कि पाकिस्तान भारत के खिलाफ जहर उगलना बंद करे तथा अपनी जनता की गरीबी से लड़े।