Monday, October 21, 2019 09:13 AM

पावर निगम के खिलाफ खोला मोर्चा

रिकांगपिओ—किन्नौर जिला के काशंग जल विद्युत परियोजना के वर्कर यूनियन ने परियोजना निर्माण में लगी हिमाचल प्रदेश पावर कारपोरेशन के खिलाफ लामबंद  होने की तैयारी शुरु कर दी है। काशंग परियोजना वर्कर्स यूनियन का आरोप है कि कॉर्पोरेशन ने अचानक कामगारों को काम से बाहर का रास्ता दिखा कर कामगारों के साथ अन्याय किया है। बताया जा रहा है कि परियोजना निर्माण में लगे कामगारों में अधिकतर कामगार प्रभावित क्षेत्र से सम्बंधित है और अधिकतर कामगार परियोजना में भूमिहीन हुए किसान है। जिस से उन्हें आर्थिक तंगी झेलने को मजबूर होना पड़ रहा है। हालांकि काशंग वर्कर्स यूनियन ने कॉर्पोरेशन के विरुद्ध हल्ला बोलने की तैयारी तो कर ली है लेकिन यूनियन उस से पहले चाहती है कि उपायुक्त किन्नौर इस मामले में मध्यस्थता करे। काशंग परियोजना वर्कर्स यूनियन के प्रधान नेत्र प्रकाश व सदस्य शम्मी कुमारए ज्वाला भरए टशी दोरजे, श्रवण कुमार, स्वरूप चंद, राजनारायण एव कई अन्य मजदूरों का केहना  है कि कॉर्पोरेशन की ओर से कामगारों को इस प्रकार बाहर किया जाना किसी भी सूरत में ठीक नही है। उन्होंने कहा कि कामगार प्रभावित क्षेत्र से है और अधिकतर भूमिहीन है। इस के बाबजूद उन्हें काम से बाहर कर दिया है जबकि काशंग परियोजना का कार्य अभी समाप्त नहीं हुआ है। काशंग परियोजना वर्कर्स यूनियन ने शनिवार को उपायुक्त किन्नौर से मिलकर मामले को सुल्जाने की मांग की है। ऐसे में उपयुक्त किन्नौर ने कामगारों  को आश्वासन दिया है कि जल्द ही प्रशासन कॉर्पोरेशन के अधिकारियों के साथ नजदूरो की एक मीटिंग कर मामले को सुल्जा दिया जाएगा। बरहाल यूनियन ने उपायुक्त किन्नौर के आश्वासन बाद आंदोलन को स्थागित कर दिया है मगर कॉर्पोरेशन को चेताया है कि उपायुक्त किन्नौर की मध्यस्थता के बाद भी कॉर्पोरेशन बाज नहीं आया तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा। प्रधान नेत्र प्रकाश ने मीडिया को बताया है कि कॉर्पोरेशन ने गलत तरीके से कामगारों को काम से हटाया गया है जिसे यूनियन बर्दाश्त नहीं करेगा। उन्होंने कहा कि यूनियन को इंटक का भरपूर सहयोग है और  कॉर्पोरेशन ने जल्द उचित निर्णय नही लिया तो यूनियन इंटक के साथ मिलकर एक बड़े आंदोलन करने को मजबूर हो जाएगा।