Wednesday, July 17, 2019 07:49 AM

पीएचसी लांगणा फार्मासिस्ट के सहारे

लांगणा—सरकार द्वारा घर द्वार पर बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं के दावे खोखले साबित हो रहे हैं। एक तरफ  सरकारों द्वारा इन संस्थानों को अपग्रेड तो किया जा रहा है, लेकिन वहां मूलभूत सुविधाएं न प्रदान करके जनता से छलावा किया जा रहा है। कई स्थानों में कर्मचारियों के पद वर्षों से खाली पड़े हुए हैं, तो कई स्थानों में बिना काम किए वर्षों से वेतन डकार रहे हैं। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लांगणा में डाक्टर का पद तबादला होने से कारण लगभग पांच माह से पद रिक्त चला हुआ है। जिसके कारण बीमारी के समय लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। आम जनता को स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने वाले यह संस्थान सरकार और विभाग की लचर कार्यप्रणाली के कारण खुद बीमार नजर आ रहे हैं। इस समय जोगिंद्रनगर विधानसभा के लगभग सभी स्वास्थ्य संस्थानों में डाक्टरों के पदों के साथ-साथ अन्य सुविधाओं की भारी कमी है। प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाओं का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि हमारे प्रदेश के नेताओं की छाती में हल्का सा भी दर्द उठता है तो चैकअप कराने चंडीगढ़ या दिल्ली जाते हैं। क्योंकि इन्हें मालूम है अपने प्रदेश की स्वास्थ्य सुविधाओं का हाल, जहां इलाज तो दूर लोग मूलभूत सुविधाओं को भी तरस जाते हैं। इस समय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लांगणा फार्मासिस्ट के सहारे चल रहा है। इस पीएचसी में खंड स्वास्थ्य अधिकारी का रेजिडेंस भी होता था तो लोगों को इलाज के लिए भटकना नहीं पड़ता था, यहां तक कि रात में भी लोगों को एमर्जेंसी सुविधाएं उपलब्ध हो जाती थीं। लेकिन बीएमओ और डाक्टर के तबादले के बाद क्षेत्र में मानो स्वास्थ्य सुविधाओं को ग्रहण लग गया हो। अब क्षेत्र के लोगों को बीमारी की हालत में इलाज के लिए इधर-उधर भटकना पड़ता है। सरकार की कार्यप्रणाली देखकर लगता है कि क्षेत्र के लोग वोट बैंक तक ही सीमित हैं। हालांकि कुछ महीने पहले भी डाक्टरों की तैनातियां हुई थी। लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों को हमेशा ही नजरअंदाज किया जाता रहा है। युवा विकास मंच लांगणा के प्रधान राजमल राणा, कोषाध्यक्ष सतीश शर्मा व क्षेत्र के लोगों में होशियार सिंह, मुनीष शर्मा, सुरेंद्र सिंह चौहान, जीवन ठाकुर, नंद लाल शर्मा, राम सिंह, सुनील कुमार राणा, सुरेश कुमार आदि ने सरकार, विधायक और विभागीय अधिकारियों से मांग की है कि इस प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में शीघ्र डाक्टर की तैनाती की जाए।