Wednesday, August 21, 2019 03:53 AM

पीतल के भाव बिका लाल सोना

56 से लुढ़क कर 16 रुपए किलो पर आ पहुंचे टमाटर के दाम, अंतिम दौर में दिल्ली में टमाटर के दाम गिरने से किसान मायूस

संगड़ाह -सही समय पर पर्याप्त बारिश के चलते जिला सिरमौर में इस बार हालांकि टमाटर की फसल की बेहतर पैदावार हुई, मगर गत माह के मुकाबले इन दिनों लाल सोना कहलाने वाली इस नकदी फसल के दाम तीन गुना से भी ज्यादा घटने से किसान मायूस हैं। जुलाई माह में सीजन पीक पर होने के दौरान जहां दिल्ली की आजादपुर व केशोपुर आदि मंडियों में लाल सोना औसतन 56 रुपए किलो बिकने से किसानों ने अच्छी कमाई की। वहीं, अब अंतिम दौर में टमाटर महज 16 रुपए प्रतिकिलो के आसपास बिकने से किसानोें को एक क्रेट अथवा पेटी पर 300 रुपए से भी कम कमाई हो रही है। जिला में इन दिनों टमाटर सीजन समाप्त होने के दौर में है तथा अगले सप्ताह तक टमाटर लेकर दिल्ली जाने वाली गाडि़यां बंद हो जाएंगी। इस बार लाल सोने के दाम गत वर्ष के मुकाबले ज्यादा मिले। हालांकि पाकिस्तान से कारोबार बंद होने के चलते किसानों को कम कीमत मिलने की आशंका थी। क्षेत्र के कुछ किसानों ने बातचीत में कहा कि राष्ट्रहित के लिए वह पाकिस्तान से कारोबार बंद होने से संतुष्ट हैं। हालांकि सरकार को भी किसानों का ध्यान रखना चाहिए। गत वर्ष जहां टमाटर 10 से 20 रुपए किलो के आसपास बिका, वहीं इस बार अधिकतम कीमत 56 रुपए किलो अथवा 1400 रुपए क्रेट तक रही। टमाटर की 25 किलो की एक पेटी अथवा क्रेट को ट्रांसपोर्टर के माध्यम से दिल्ली भिजवाने का किसान का खर्चा 130 रुपए के करीब रहता है तथा जुलाई में इसके 1400 में बिकने की सूरत में किसान को लगभग 1270 रुपए मिले। स्थानीय मंडियों में भी बेहतर गुणवत्ता वाले लाल सोना कहलाने वाले टमाटर की कीमत गत माह 40 रुपए के आसपास रही।  जिला में हर वर्ष औसतन दो हजार हेक्टेयर भूमि पर करीब 30 हजार टन टमाटर पैदा होता है तथा जिला के 90 फीसदी किसान परिवारों का साल भर का खर्चा टमाटर, अदरक, लहसुन व बेमौसमी सब्जियों जैसी नकदी फसलों से चलता है। जिला सिरमौर के उपमंडल संगड़ाह, राजगढ़, शिलाई, सैनधार व धारटीधार आदि इलाकों में उगाई जाने वाली लाल सोने की फसल के अगस्त माह में दाम कम होने से किसान अब समर्थन मूल्य की मांग भी करने लगे हैं। किसान सभा की सिरमौर इकाई के अध्यक्ष रमेश वर्मा ने कहा कि शिमला संसदीय क्षेत्र के किसान आगामी 20 अगस्त को टमाटर व अपने अन्य मुद्दों को लेकर सोलन में प्रदर्शन करेंगे। उन्होंने कहा कि गत माह सोलन, सिरमौर व शिमला जिला के किसान अपनी मांगें प्रदेश सरकार के समक्ष रख चुके हैं। किसान सभा ने केंद्र सरकार द्वारा खाद्यान्न फसलों की तर्ज पर टमाटर जैसी सब्जियों का समर्थन मूल्य न दिए जाने की निंदा की। अनिल कुमार, ज्ञान चंद, अशोक, सतीश, तपेंद्र, विनय कुमार, बाबूराम, सुनील, ज्ञान चंद, सुरेश, मथुरा देवी व हीरो देवी आदि टमाटर उत्पादकों ने बताया कि गत माह तक बेहतर गुणवत्ता वाला लाल सोना आजादपुर में जहां 1400 से डेढ़ हजार रुपए क्रेट तक बिक रहा था, वहीं अब 400 रुपए पेटी के आसपास बिक रहा है। एक क्रेट पर दिल्ली तक का कुल खर्च 130 रुपए करीब आ रहा है। सरकार की सख्ती के बाद अब दिल्ली के आढ़ती हालांकि अब हिमाचल के किसानों से ऑन रिकार्ड कमीशन नहीं ले रहे हैं, मगर खरीददारों से सांठ-गांठ कर वह किसानों से एक पेटी पर अपनी 40 प्रतिशत कमीशन बदस्तूर जारी रखे हुए हैं। किसानों की इस फसल को मंडी तक पहुंचाने वाले ट्रांसपोर्टर व आढ़तियों के अनुसार इस बार गत वर्ष के मुकाबले सिरमौर अथवा हिमाचल के टमाटर के बेहतर दाम नहीं मिल रहे हैं। इन दिनों हालांकि लाल सोना कहलाने वाले टमाटर की कीमत में गिरावट आई। हिमाचल प्रदेश कृषि विपणन बोर्ड के अध्यक्ष बलदेव भंडारी ने कहा कि टमाटर उत्पादकों की मांग के मुताबिक प्रदेश के सभी आढ़तियों को टमाटर पेटी की बजाय किलो के हिसाब से खरीदने के आदेश दिए जा चुके हैं।