Saturday, July 04, 2020 05:18 PM

पुजारियों की रोटी-रोटी पर ‘लॉकडाउन’

कोरोना वायरस के चलते शक्तिपीठ बंद होने से झेलनी पड़ रहीं दिक्कतें

नयनादेवी-वैश्विक महामारी कोरोना वायरस के तहत लगाए गए कर्फ्यू व लॉकडाउन के चलते प्रसिद्ध शक्तिपीठ बंद होने से पुजारियों के समक्ष रोजी का संकट पैदा हो गया है। मंदिरों के पुजारियों को अपने परिवारों की चिंता सताने लगी है। नयनादेवी की बात की जाए तो यहां पुजारी वर्ग काफी परेशानी में है और उन्होंने सरकार से सुध लेने का आग्रह किया है। पुजारी वर्ग का कहना है कि 17 मार्च से मंदिरों के बंद होने उनका भी सारा कामकाज ठप है। मंदिरों के बंद होने से रोजमर्रा की रोजी-रोटी अब पूरी तरह से बंद है। इससे पूर्व मंदिरों में यात्री आ जा रहे थे, तो पुजारियों का भी रोजगार चला था, लेकिन मंदिरों के बंद होने से पुजारियों की आर्थिकी पर गहरा प्रभाव पड़ा है। मध्य प्रदेश सरकार ने मंदिरों के पुजारियों के लिए 7500 रुपए प्रति महीना देने की घोषणा की है, जबकि प्रदेश सरकार ने अभी तक पुजारियों के लिए ऐसी कोई भी दिलचस्पी नहीं दिखाई तथा न ही सरकार ने न्यास को लेकर इस बारे आदेश दिए हैं। बता दें कि 2013 में पूर्व सरकार के समय मात्र पांच-छह परिवारों को भारी भरकम रकम डाल दी थी, जिसके चलते मामला उच्च न्यायालय में विचाराधीन था, जबकि इससे पूर्व न्यास सभी परिवारों को बराबर हिस्सा दिया करता था। मात्र चार-पांच परिवारों को पैसों को डालने को लेकर मामला न्यायालय में चला था तथा 27 मई 2014 को माननीय उच्च न्यायालय ने सरकार द्वारा मात्र पांच परिवारों को पैसों के डालने पर डाली गई याचिका स्वीकार की और न्यास द्वारा पांच परिवारों को भारी भरकम पैसे डालने के आदेशों को निरस्त कर दिया, लेकिन उसके बाद तुरंत उन परिवारों से पैसे वापस लेने को कहा। हैरानी इस बात को लेकर है कि अभी तक न्यास ने माननीय उच्च न्यायालय के आदेशों को माना ही नहीं है तथा न ही रिकवरी की। नयनादेवी के पुजारियों ने सरकार से मांग की है कि उनकी भी सुध ली जाए तथा उन्हें भी अपने एवं परिवार का पालन-पोषण करने के लिए सहायता राशि प्रदान की जाए तथा जिन परिवारों को राशि न्यास ने डाली थी वे वापस ली जाए।

क्या कहते हैं मंदिर न्यास नयनादेवी के अध्यक्ष

उधर इस बारे प्रतिक्रिया के लिए जब मंदिर न्यास नयनादेवी के अध्यक्ष एवं एसडीएम सुभाष गौतम से बात की तो उन्होंने इस बाबत अनभिज्ञता जाहिर की। कहा कि इस विषय की जानकारी नहीं है तथा पुराना मामला है। इस मामले को स्टडी किया जाएगा और उसके बाद आगामी कार्रवाई पर विचार होगा।