Monday, October 14, 2019 11:35 AM

पुराने एनएच सुधारने को केंद्र देगा पैसा

सीएम से मुलाकात में गडकरी ने फोरलेन के चलते अलग हुई सड़कों के रखरखाव पर लिया बड़ा फैसला

नई दिल्ली - केंद्रीय परिवहन मंत्री एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी से मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर

शिमला - मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की केंद्रीय परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी से दिल्ली में हुई बैठक में हिमाचल के खस्ताहालत सड़क मार्गों पर बड़ा फैसला हुआ है। हिमाचल सरकार के आग्रह पर केंद्रीय राजमार्ग मंत्रालय ने राज्य के फोरलेन के चलते अलग हुए नेशनल हाई-वे को हिमाचल को शिफ्ट करने की सैद्धांतिक मंजूरी प्रदान कर दी है। इसके तहत ऐसे राष्ट्रीय राजमार्गों के रख-रखाव के लिए केंद्रीय राजमार्ग मंत्रालय बजट जारी करेगा। हालांकि इस रख-रखाव का जिम्मा हिमाचल सरकार के पास ही रहेगा। जाहिर है कि नए फोरलेन निर्माण के लिए कई बाईपास मार्ग बने हैं। इस कारण नए बाईपास निर्माण से पुराने नेशनल हाई-वे लावारिस पड़ गए हैं। इन पर गुरुवार को नई दिल्ली में हुई बैठक में अहम फैसला हुआ है। इस दौरान मुख्यमंत्री ने राज्य में रज्जू मार्ग परियोजनाओं को लागू करने के लिए 500 करोड़ रुपए की ग्रांट स्वीकृत करने का आग्रह किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ने शहरों में सड़कों पर बढ़ते दबाव को कम करने और जनजातीय क्षेत्रों व ऊंचे दर्रों में सुगम परिवहन के लिए एक वैकल्पिक एवं पर्यावरण मित्र रज्जू मार्गों के उपयोग का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि इसके लिए राज्य सरकार ने रोप-वे एंड रैपिड ट्रांसपोर्ट डिवेल्पमेंट कारपोरेशन का नोडल एजेंसी के रूप में गठन किया है, जिसके माध्यम से राज्य के शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में परिवहन समस्या को दूर करने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था बनाई जाएगी। जयराम ठाकुर ने कहा कि कारपोरेशन का मुख्य लक्ष्य रज्जू मार्गों और अन्य रैपिड परिवहन सुविधाएं विकसित करना है, जिससे सड़कों पर बढ़ती यातायात समस्या से निपटा जा सके और राज्य में वैकल्पिक परिवहन सुविधा भी विकसित की जा सके। उन्होंने कहा कि रज्जू मार्गों के निर्माण में कम भूमि और वन कटान की कम आवश्यकता के कारण इन्हें कम अवधि में पूरा किया जा सकता है। राज्य में इन परिवहन परियोजनाओं को लागू करने के लिए राज्य को केंद्र सरकार की सहायता की आवश्यकता है तथा ये परियोजनाएं (रज्जू मार्ग और स्काई बस) केंद्रीय मंत्री के भीड़भाड़ एवं दूर-दराज क्षेत्रों को परिवहन सुविधा उपलब्ध करवाने के विजन के अनुरूप है। मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री से प्रस्तावित ‘पर्वत माला’ योजना के लिए उदार सहायता प्रदान करने के लिए भी आग्रह किया, जिससे यात्रियों को वैकल्पिक परिवहन व्यवस्था प्रदान की जा सके। केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने मुख्यमंत्री को उनकी द्वारा रखी गई मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करने का आश्वासन दिया। भारत सरकार के परिवहन सचिव संजीव रंजन, अतिरिक्त मुख्य सचिव एवं मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव डा. श्रीकांत बाल्दी, मुख्यमंत्री के अतिरिक्त प्रधान सचिव संजय कुंडू, लोक निर्माण विभाग के प्रधान सचिव जेसी शर्मा, मुख्यमंत्री के प्रधान निजी सचिव विनय सिंह भी इस बैठक में उपस्थित थे।