Tuesday, March 31, 2020 10:49 AM

पूरा भारत 21 दिन के लिए लॉकडाउन

कोरोना से बचाव के लिए प्रधानमंत्री का ऐलान, मंगलवार आधी रात से फैसला लागू, जनता कर्फ्यू से होगा ज्यादा सख्त

नई दिल्ली - दुनिया का सबसे बड़ा लॉकडाउन भारत में लगा है और यह अब 21 दिन के लिए बढ़ा दिया गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पांच दिन में दूसरी बार कोरोनावायरस के मुद्दे पर मंगलवार को राष्ट्र के नाम संबोधन दिया और इसकी घोषणा की। मंगलवार रात दिए 29 मिनट के इस संबोधन में उन्होंने कहा कि हिंदोस्तान को बचाने के लिए मंगलवार रात 12 बजे से देश में पूरी तरह लॉकडाउन होगा। यह जनता कर्फ्यू से ज्यादा सख्त होगा। यह 21 दिन का होगा। बाहर निकलना क्या होता है, यह 21 दिन के लिए भूल जाइए। 21 दिन नहीं संभले तो आपका देश और आपका परिवार 21 साल पीछे चला जाएगा। कोरोना से मुकाबले के लिए सोशल डिस्टेंसिंग जरूरी है। हमें संक्रमण के चक्र को तोड़ना होगा। कोरोना से तभी बचा जा सकता है, जब घर की लक्ष्मण रेखा न लांघी जाए। प्रधानमंत्री ने कहा कि अगर लापरवाही जारी रही तो भारत को इसकी बहुत बड़ी कीमत चुकानी पड़ सकती है। यह कीमत कितनी चुकानी पड़ेगी, इसका अंदाजा लगाना मुश्किल है। देश में दो दिनों से कई भागों में लॉकडाउन कर दिया गया है। राज्य सरकार के इन प्रयासों को गंभीरता से लेना चाहिए। हेल्थ सेक्टर के अनुभवों को ध्यान में रखते हुए देश महत्त्वपूर्ण निर्णय करने जा रहा है। हिंदोस्तान को बचाने के लिए, हर नागरिक को बचाने के लिए, आपके परिवार और आपको बचाने के लिए मंगलवार रात 12 बजे से घरों से बाहर निकलने पर पूरी तरह पाबंदी लगाई जा रही है। राज्य, केंद्र शासित प्रदेश, हर जिला, गांव, कस्बा, गली,मोहल्ला लॉकडाउन किया जा रहा है। यह एक तरह से कर्फ्यू ही है। जनता कर्फ्यू से जरा ज्यादा सख्त है। कोरोना महामारी के खिलाफ  निर्णायक लड़ाई के लिए यह कदम बहुत आवश्यक है। प्रधानमंत्री ने कहा कि निश्चित तौर पर लॉकडाउन की आर्थिक कीमत देश को उठानी पड़ेगी, लेकिन एक-एक भारतीय के जीवन को बचाना सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता है। इसलिए हाथ जोड़कर प्रार्थना करता हूं कि आप इस समय देश में जहां भी हैं, वहीं रहें। कोरोनावायरस का संक्रमण चक्र तोड़ने के लिए 21 दिन का समय बहुत अहम है। अगर 21 दिन नहीं संभले तो देश और आपका परिवार 21 साल पीछे चला जाएगा। कई बार कोरोना से संक्रमित व्यक्ति शुरुआत में बिल्कुल स्वस्थ लगता है। वह संक्रमित है, इसका पता ही नहीं चलता है। इसलिए एहतियात बरतिए, अपने घरों में रहिए।

कोरोना यानी को-कोई, रो-रोड पर, ना- ना निकले

प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन के दौरान एक ऐसे बैनर का जिक्र किया, जो उन्हें पसंद आया था। उन्होंने बैनर दिखाते हुए कहा कि कोरोना यानी को-कोई, रो-रोड पर, ना-ना निकले।

बीमार व्यक्ति हफ्ते में सैकड़ों लोगों को कर सकता है संक्रमित

प्रधानमंत्री ने कहा कि एक्सपर्ट का यह भी कहना है कि अगर किसी व्यक्ति में कोरोना वायरस पहुंचता है तो इसके लक्षण दिखने में कई-कई दिन लग जाते हैं। इस दौरान वह जाने-अनजाने उस व्यक्ति को संक्रमित कर देता है, जो उसके संपर्क में आता है। डब्ल्यूएचओ की रिपोर्ट बताती है कि इस बीमारी से संक्रमित एक व्यक्ति सैकड़ों लोगों को एक हफ्ते में संक्रमित कर सकता है। दुनिया में कोरोना से संक्रमित लोगों की संख्या को पहले एक लाख तक पहुंचने में 67 दिन लगे थे, उसके बाद सिर्फ 11 दिन में एक लाख नए लोग संक्रमित हो गए। तीन लाख संख्या होने में सिर्फ  चार दिन लगे। अंदाजा लगा सकते हैं कि यह कितनी तेजी से फैलता है। प्रधानमंत्री ने कहा कि किसी भी तरह की अफवाह और अंधविश्वास से बचें। केंद्र सरकार, राज्य सरकार और मेडिकल संस्थानों द्वारा दिए गए निर्देशों का पालन करना बहुत जरूरी है। बिना डाक्टरों की सलाह के कोई भी दवा न लें। खिलवाड़ आपके जीवन को और खतरे में डाल सकता है।