Sunday, November 17, 2019 03:22 PM

पूर्व सैनिक की पत्नी को उम्र भर मिलेगी पेंशन

आर्म्ड फोर्स टिब्यूनल सर्किट बैंच शिमला ने सुनाया फैसला; चार साल बाद जीती हक की लड़ाई, पति-बेटे की सड़क हादसे में हुई थी मौत

जवाली, हौरीदेवी -उपमंडल फतेहपुर के अंतर्गत नंगाल गांव की एक पूर्व सैनिक की विधवा वंदना  को आर्म्ड फोर्स ट्रिब्यूनल सर्किट बैंच शिमला ने एक अहम फैसले में ताउम्र फैमली पेंशन देने के निर्देश दिए हैं। जवाली के वरिष्ठ अधिवक्ता राकेश मनकोटिया ने बताया कि वंदना देवी के पति तरसेम सिंह पंजाब रेजिमेंट में बतौर सिपाही कार्यरत थे। तरसेम सिंह आठ अक्तूबर, 2011 को घर छुट्टी आए थे। इस दौरान उसकी एक हादसे में अपने बेटे सहित मौत हो गई थी। उसके उपरांत सेना ने उसकी विधवा पत्नी को फैमली पेंशन शुरू कर दी, लेकिन 2015 में वंदना ने दोबारा शादी कर ली, जिस पर सेना ने यह कह कर उसकी फैमिली पेंशन बंद कर दी। महिला ने पेंशन बहाली के लिए संबंधित सेना अधिकारियों से काफी पत्र व्यवहार किया, लेकिन सेना का संबंधित विभाग टस से मस नहीं हुआ। इस पर प्रार्थी ने मजबूरन अधिवक्ता राकेश मनकोटिया के माध्यम से ट्रिब्यूनल कोर्ट सर्किट बैंच शिमला में याचिका दायर की। इस पर तुरंत कार्रवाई करते हुए ट्रिब्यूनल ने प्रार्थी को अंतरिम राहत देते हुए सेना को उसकी फैमिली पेंशन तुरंत बहाल करने के निर्देश दिए। उसके उपरांत याचिका की सुनवाई के दौरान सेना ने बताया कि नियमों के मुताबिक महिला को बच्चा विहीन विधवा होने के बाद ही री-मैरिज के बाद पेंशन दी जा सकती है, लेकिन इस मामले में सैनिक की विधवा को बच्चा विहीन नहीं माना जा सकता है, जबकि उसके पति की मौत के साथ ही बेटे की भी मौत हो गई थी। सेना ने यह भी दलील दी कि यह पहला यूनीक विवादग्रस्त मामला है। आज तक ऐसा मामला सामने नहीं आया है और न ही सेना की किसी पालिसी में ऐसा प्रावधान है। अतः इस मामले बारे विभिन्न एजेंसियों से राय मांगी जा रही है। ऐसी परिस्थितियों में प्रार्थी को बच्चा विहीन माना जाए या नहीं। वहीं, दूसरे बिंदु पर सेना ने यह दलील दी कि मुताबिक तहसीलदार इन्कम प्रमाण पत्र गंगथ द्वारा प्रार्थी की सालाना इन्कम  आठ लाख 50 हजार है,  जिस पर ट्रिब्यूनल के बैंच ने तहसीलदार गंगथ से स्पष्टीकरण मांगा कि प्रार्थी की व्यक्तिगत इन्कम बताई जाए, जबकि प्रार्थी किसी भी सरकारी नौकरी पर नहीं है तथा न ही प्रार्थी कोई बिजनेस करता है। प्रार्थी अपने पति की इन्कम पर निर्भर पाई गई है। सभी पहलुओं को विचार करते हुए आर्म्ड फोर्स ट्रिब्यूनल सर्किट बैंच शिमला के जस्टिस मोहम्मद ताहिर, प्रशासनिक सदस्य वाइस एडमिरल एजी थपियाल ने प्रार्थी की याचिका को सही मानते हुए प्रार्थी को ताउम्र रेगुलर फैमिली पेंशन देने के निर्देश दिए और हर छह महीने में इन्कम बारे शपथ पत्र के माध्यम से घोषणापत्र सेना के संबंधित विभाग को देने बारे प्रार्थी को निर्देश दिया।