Tuesday, November 19, 2019 03:30 AM

प्यार में मंदी तो बाजार में मंदी

नवेंदु उन्मेष

 स्वतंत्र लेखक

देश में मंदी का दौर जारी है। आर्थिक विशेषज्ञों के द्वारा मंदी के कई कारण बताए जा रहे हैं। बनारस के कपड़ा व्यापारी परेशान हैं कि अब बनारसी साड़ी की डिमांड कम हो गई है। ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री के लोग परेशान हैं कि उनकी गाडि़यां बिक नहीं रही हैं। मॉल वाले परेशान हैं कि उनके मॉल में अब कोई ग्राहक आता ही नहीं है। इन सब का ठीकरा वे देश में व्याप्त आर्थिक मंदी के सिर पर फोड़ रहे हैं, लेकिन मेरा मानना है कि देश में मंदी का मुख्य कारण प्यार है। इन दिनों प्यार का बाजार ठंडा पड़ा है और नफरत का बाजार गर्म है। ऐसे में मंदी तो आएगी ही। देश को आर्थिक मंदी से उबरने के लिए प्यार के बाजार को गर्म करना होगा और नफरत के बाजार को ठंडा करना पड़ेगा। तभी मंदी का दौर खत्म हो सकता है। पहले लड़का-लड़की खुलेआम प्यार करते थे। खुलेआम मॉल में आकर एक-दूसरे के लिए कपड़े खरीद लेते थे। बाइक में भी बगैर हेलमेट घूमकर अपने प्यार का इजहार कर लेते थे, लेकिन अब तो इस पर भी जुर्माना लगना शुरू हो गया है तो मंदी आएगी ही। प्यार के बाजार में मंदी आने के कारण पेट्रोल पंपों में पेट्रोल और डीजल की मांग में कमी आई है। सूरत के हीरा व्यापारी भी मंदी की मार झेल रहे हैं। आखिर हीरा भी प्यार में ही खरीदा जाता है। कोई भी व्यक्ति हीरा खाने के लिए नहीं खरीदता। जाहिर है प्रेमी और प्रेमिकाएं पति और पत्नी नए मोटर व्हीकल एक्ट के कारण खुलेआम बाजार में निकल नहीं पा रहे हैं तो इसका असर बाजार पर पढ़ेगा ही। तो फिर हीरे के व्यापारी परेशान क्यों न हों। कई राज्यों का हाल यह है कि अगर आप एक गाय खरीदकर ले जा रहे हैं तो संभव है कि प्यार के दुश्मन आपका खात्मा कर दें। जाहिर है लोग उन राज्यों में गाय खरीदने से भी डरने लगे हैं। बच्चा चोरी से लेकर मॉब लिंचिंग का भी बाजार गर्म है। न जाने कब आप किस गांव में जाएं और बच्चा चोरी के आरोप में मॉब लिंचिंग के शिकार हो जाएं। ऐसे में मंदी का दौर तो आएगा ही। कुछ व्यापारियों का मानना है कि जीएसटी की गलत नीतियों के कारण बाजार में मंदी आई है, लेकिन जीएसटी भी तो सरकार ने व्यापारियों से प्यार बड़ाने के लिए लागू किया था। अब व्यापारियों को जीएसटी काटने को दौड़ता है तो प्यार में फर्क आएगा ही। मेरा मानना है कि प्यार के दुश्मनों को जब एक-दूसरे का प्यार रास नहीं आता है तो वे नफरत की दीवार खड़ी करते हैं और इससे देश में आर्थिक मंदी के साथ-साथ कई तरह की मंदी आती है। आिखर कोई गाड़ी भी प्यार के कारण ही खरीदता है। शादी-विवाह में भी दूल्हे को गाडि़यां प्यार के कारण ही दी जाती हैं। प्यार के बाजार में मंदी का कारण अगर आपको जानना है तो आप किसी पार्क में चले जाइए। वहां अब पहले से कम प्रेमी जोड़े प्रेमालाप करते हुए मिलते हैं। पार्क  के टिकट घर में पूछ लीजिए। पता चलेगा कि वहां टिकट खरीदने वालों का भी अकाल पड़ा है। वे भी मंदी की मार झेल रहे हैं।