Monday, November 19, 2018 04:34 PM

प्रदेश में पांच रुपए होगा न्यूनतम बस किराया

शिमला —प्रदेश में उत्तराखंड और पंजाब के पैटर्न पर बस किरायों में बढ़ोतरी का प्रस्ताव तैयार कर लिया गया है। राज्य में न्यूनतम बस किराया तीन रुपए से बढ़ाकर पांच रुपए होगा। शुरूआती किलोमीटर की स्टेज तीन किलोमीटर से घटाकर दो कर दी गई है। इसके तहत दो किलोमीटर का सफर करने पर यात्रियों को पांच रुपए न्यूनतम किराया देना होगा। इसके बाद प्रति किलोमीटर एक रुपए 72 पैसे की दर निर्धारित की गई है। राज्य सरकार को भेजे गए प्रस्ताव के तहत मैदानी क्षेत्रों में 18.60 प्रतिशत और हिली एरिया में 22.20 प्रतिशत बस किराया बढ़ेगा। इसके चलते हिमाचल प्रदेश में उत्तराखंड की तर्ज पर प्रति किलोमीटर एक रुपए 72 पैसे बस किराया होगा। राज्य के हिली एरिया में प्रति किलोमीटर एक रुपए 44 पैसे किराया वर्ष 2013 से लागू है।  उल्लेखनीय है कि पांच साल पहले वीरभद्र सरकार ने प्रदेश में बस किराए में बढ़ोतरी की थी। उस दौरान डीजल की कीमत 46 रुपए प्रति लीटर निर्धारित थी। अब यह दर रिकार्ड वृद्धि के साथ 76 रुपए प्रति लीटर पहुंच गई है। इस कारण निजी ऑपरेटर बस किराया बढ़ौतरी को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। सोमवार शाम मुख्यमंत्री के साथ सचिवालय में आयोजित बैठक के दौरान राज्य सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि जनता पर अधिक बोझ नहीं डाला जाएगा। इसके साथ ही ट्रांसपोटर्ज को भी वित्तीय घाटे का दंश सरकार झेलने नहीं देगी।  इसके चलते सोमवार देर शाम सचिवालय में मुख्यमंत्री ने किराया बढ़ोतरी के प्रस्ताव को सैद्धांतिक स्वीकृति प्रदान कर दी है। बावजूद इसके निजी ट्रांसपोर्टरों में फूट पड़ गई है। लिहाजा कांगड़ा रीजन सहित कई क्षेत्रों में निजी ट्रांसपोटर्ज की हड़ताल जारी रही। इसके चलते अब ट्रांसपोर्टरों के साथ-साथ सरकार मंडी में सहमति बनाने का प्रयास कर रही है। उम्मीद है कि मंडी में मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के साथ ट्रांसपोर्टर किराया बढ़ोतरी की प्रतिशतता को और ज्यादा करने का दबाव बना रहे हैं।

40 फीसदी बढ़ोतरी की हो रही मांग

ट्रांसपोटर्ज न्यूनतम किराया 10 रुपए निर्धारित करने पर अड़ गए हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री के समक्ष मांगपत्र में कहा है कि दो किलोमीटर की फर्स्ट स्टेज निर्धारित कर न्यूनतम किराया पंजाब की तर्ज पर 10 रुपए किया जाए। इसके बाद प्रति किलोमीटर दो रुपए किराए की दर तय की जाए। यूनियन के पदाधिकारियों का कहना है कि किराए में कम से कम 40 फीसदी की बढ़ोतरी होनी चाहिए।