Monday, October 21, 2019 12:51 AM

प्रदेश में बनेंगी 3370 जैव विविधता समितियां

भुंतर -प्रदेश की अनमोल जैव संपदा और इसकी खूबियों के बारे में देश-दुनिया जानेगी। राज्य सरकार ने जैव संपदा के प्रचार प्रसार और प्राकृतिक गुणों से रू-ब-रू करवाने के लिए पंचायत स्तर पर नया मिशन चलाया है जिसके तहत ग्रास रूट स्तर पर जड़ी बूटियों के संरक्षण व संवर्धन के साथ इसके मार्केटिंग पर कार्य कर करीब 3370 जैव विविधता समितियों का गठन किया जाएगा। अभियान को कामयाब बनाने के लिए प्रदेश में तीन मॉडल जैव-विविधता पंचायतें चुनी गई है। लिहाजा, इनमें विशेष सुविधाएं विकसित कर प्रदेश की पारंपरिक और अमूल्य जैव संपदा को संजोने का काम किया जाएगा और मास्टर प्लान तैयार किया जाएगा। प्रदेश जैव विविधता बोर्ड ने इन पंचायतों कुल्लू जिला की दियार पंचायत सहित शिमला और सिरमौर की एक-एक पंचायतों को शामिल किया है। कुल्लू की दियार पंचायत में मंगलवार को इस संदर्भ में विशेष कार्यशाला आयोजित की गई। इस कार्यक्त्रम में राज्य जैव विविधता बोर्ड के राज्य समन्वयक एम एल शर्मा ने विशेष तौर पर भाग लिया। इसके अलावा जीबी पंत राष्ट्रीय हिमालयन पर्यावरण एवं विकास संस्थान की वैज्ञानिक डॉ. सरला शाशनी सहित बीएमसी के सदस्यों व पदाधिकारियों ने भाग लिया। इस मौके पर जैव विविधता बोर्ड के राज्य समन्वयक ने योजना के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होने बताया कि चुनी गई तीनों पंचायतों में स्थानीय स्तर पर मौजूद जैव संपदा को विकसित किया जाएगा और इसका प्रचार-प्रसार भी किया जाएगा। शुरूआती चरण में तीन-तीन लाख रूपए की राशि से यहां पर प्रदर्शन क्षेत्र तैयार होगा ताकि बाहरी राज्यों या विदेशों से आने वालों को जैव संपदा के बारे में जानकारी मिल सके। उन्होने बताया कि प्रदेश भर में करीब 3370 जैव विविधता समितियों को बनाने का लक्ष्य रखा गया है और इसमें से 750 समितियों का गठन किया गया है। उन्होने बताया कि योजना के तहत प्रदेश में जितनी भी जड़ी बूटियों को तैयार किया जा रहा है उनकी खरीद करने वालों को भी ंपजीकृत किया जाएगा और इनसे मिलने वाले शुल्क को जमीनी स्तर पर प्रशिक्षण, जड़ी बूटी संरक्षण के लिए प्रयोग में लाया जाएगा। जीबी पंत संस्थान की वैज्ञानिक डॉ. सरला शाशनी ने इस दौरान मॉडल बीएमसी दियार में तैयार होने वाली जड़ी बूटियों और इसके विपणन संबंधित जानकारी दी। इस मौके पर पंचायत के ओसन में जैव संपदा प्रदर्शन क्षेत्र तैयार करने का भी निर्णय लिया गया। बैठक में पंचायत प्रधान मनोरमा ठाकुर सहित अन्य सदस्यों ने भी भाग लिया।