Monday, July 13, 2020 04:43 AM

प्रशासन की कार्रवाई से स्वास्थ्य कार्यकर्ता हताश

जवाली-उपमंडल जवाली के अधीन होम क्वारंटाइन युवकों द्वारा दीवार पर लगे पंफलेट को फाड़ने का मामला तूल पकड़ गया है। पंफलेट फाड़ने की शिकायत करने के बाद भी प्रशासन चुप बैठा है।  इससे स्वास्थ्य कर्मियों व आशा वर्कर सहित टीम सदस्यों के हौसले डगमगाने शुरू हो गए हैं। इस मामले में कोई भी कार्रवाई नहीं की जा रही है, जबकि अब पंफलेट को लगाने के लिए बहस शुरू हो गई है। हालांकि प्रशासन पुलिस को कार्रवाई करने के निर्देश देने की बात कह रहा है।  प्रशासन द्वारा भी अपने बयान बदल-बदल कर दिए जा रहे हैं।  प्रशासन का कहना है कि होम क्वारंटाइन युवकों का समय पूरा हो गया है जबकि उनका 22 मई तक 23 दिन का होम क्वारंटाइन का समय हुआ है। बीएमओ जवाली डा. रंजन मेहता ने बताया कि स्वास्थ्य कर्मियों व आशा वर्कर को पंफलेट लगाने के निर्देश दिए गए थे, जो कि बाहर से आए लोगों के घरों की दीवारों पर चिपका दिए गए। उन्होंने कहा कि इसके उपरांत प्रशासन द्वारा होम क्वारंटाइन लोगों के घरों में जाकर पंफलेट चैक किए गए, तो उस समय इस बारे में क्यों नहीं बताया गया। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य कार्यकर्ता ने मुझसे होम क्वारंटाइन पंफलेट फाड़ने की शिकायत की थी, जिसके बारे में प्रशासन को अवगत करवा दिया गया था। एसएचओ जवाली करतार चंद ने कहा कि एसडीएम के निर्देश पर पुलिस मौके पर गई थी और पंफलेट फाड़ा भी पाया गया। उन्होंने कहा कि युवकों को समझाया गया कि पंफलेट को न फाड़ें और स्वास्थ्य विभाग को दोबारा पंफलेट लगाने को कहा गया है। जिलाधीश कांगड़ा राकेश प्रजापति ने कहा कि मैंने एसडीएम जवाली को कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।