Tuesday, November 12, 2019 09:13 AM

प्री-प्राइमरी में जिला में 298 स्कूलों का चयन

जुखाला -जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान बिलासपुर स्थित जुखाला में मासिक पुनरीक्षण बैठक का आयोजन प्रधानाचार्य एवं जिला परियोजना अधिकारी राकेश पाठक  की अध्यक्षता में किया गया, जिसमें  डाइट फैकल्टी, खंड आरंभिक शिक्षा अधिकारियों एवं खंड स्रोत केंद्र समन्वयकों सहित सर्व शिक्षा अभियान के कर्मचारियों ने भाग लिया। मासिक पुनरीक्षण बैठक में डाइट की 22 इंटरवेंसन की मदवार चर्चा की गई। लेखा एवं वित्त की खंड स्तर पर चर्चा की गई तथा निर्णय लिया गया कि खंड स्तर पर जितनी भी वित्तीय सहायता खंड स्रोत केंद्र समन्वयकों को दी गई है, उसे पीएफएमएस के माध्यम से जारी किया जाए। धनकोष के उपयोगिता प्रमाण पत्र अगामी बैठक तक लेखाकार के पास जमा करवाए। ढांचागत सुविधा के अंतर्गत 54 रैंप दिव्यागों के लिए निर्मित किए जा रहे हैं, जिसमें 36 रैंप बन कर तैयार हो चुके है तथा 18 का कार्य प्रगति पर है, जिसे समय पर पूरा कर लिया जाएगा। बैठक में निष्ठा पोर्टल पर भी चर्चा की गई। इसके साथ यूडाइज डाटा 2018-19 पर भी चर्चा की गई। समावेशी शिक्षा के अंतर्गत चर्चा करते हुए देशराज में बताया कि उक्त सभी अधिकारीगण विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के नाम जो नौवीं से बारहवीं में पढते है। संबंधित समन्वयक को भेजे। उन्होने कहा कि लड़के व लड़कियों के नाम अलग अलग भेजे, ताकि उनके लिए 15 तारीख से ऑरिएंटेशन शिविर लगाया जा सके। राष्ट्रीय अविष्कार अभियान के तहद पहले 15  स्कूल थे और तीन नए स्कूलों का चयन वर्ष 2018-19 के अंतर्गत किया गया है। घागस स्कूल, जेजवीं और जगातखाना को इसमें शामिल किया गया हैं। प्री-प्राइमरी के अंतर्गत जिला में पहले 298 स्कूलों का चयन किया गया था, जिसमें 37 स्कूलों की बढोतरी की गई है। संजय कुमार सामा ने बताया कि प्री प्राइमरी एक नवाचार कार्यक्रम है। इस पर सरकार जिला में एक करोड़ आठ लाख रुपए खर्च किए जा रहे हैं। स्कूल नेतृत्व विकास कार्यक्रम के अंतर्गत वाद विवाद प्रमियोगिता स्कूलों में बैग फ्री डे के दिन आयोजित करवाई जाएगी। बैठक में बीआरसीसी घुमारवीं रफी मोहम्मद ने कहा कि क्वशचन बैंक प्राथमिक कक्षाओं के लिए भी होने चाहिए। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान बिलासपुर स्थित जुखाला के प्रधानाचार्य एवं जिला परियोजना अधिकारी राकेश पाठक जी तय लक्ष्यों से ज्यादा निरीक्षण का कार्य किया है, जिसके लिए वे प्रशंसा के पात्र हैं।