Monday, September 21, 2020 08:24 PM

प्री बोर्ड परीक्षा की तैयारी

बच्चों की प्री बोर्ड परीक्षा नजदीक आ रही है। इस परीक्षा के लिए हम कुछ टिप्स बच्चों को बता रहे हैं जिनसे उनको अपने बोर्ड के पेपरों में कुछ आसानी हो। फरवरी में होने वाली सीबीएसई बोर्ड परीक्षा के लिए अभी लगभग एक महीना ही बाकी है और बच्चों को बोर्ड एग्जाम की तैयारी के लिए काफी लग रहा हो, लेकिन हम आपको याद दिला दें कि इन दो महीनों के दौरान आपके प्रैक्टिकल एग्जाम भी होंगे, क्लास टेस्ट होंगे, प्रोजेक्ट व अन्य असाइनमेंट पूरे करके जमा करवाने होंगे और आपके प्री-बोर्ड एग्जाम भी होंगे तो ये दो महीने कब निकल जाएंगे, पता ही नहीं चलेगा। इसलिए बच्चों को इस समय का बहुत ही समझदारी से और ध्यानपूर्वक इस्तेमाल करना होगा।

प्री-बोर्ड परीक्षा और इसका महत्त्वः

इस समय बोर्ड परीक्षा के लिए असरदार तरीके से तैयारी करने के लिए सबसे ज्यादा महत्त्वपूर्ण रास्ता होगा प्री-बोर्ड परीक्षा का। दरअसल प्री-बोर्ड आने वाले बोर्ड एग्जाम आपको असली बोर्ड एग्जाम से पहले ही उसका अनुभव करवाते हैं। इससे एक तो आपकी बोर्ड परीक्षा के लिए की जाने वाली तैयारी को बूस्ट मिलता है अर्थात् प्री-बोर्ड के डर से आपकी तैयारी में तेजी आती है और दूसरा इससे आपको अपनी तैयारी को आंकने का मौका भी मिलता है। आप पता लगा पाते हैं कि आपकी तैयारी में कहां कमी है और कहां सुधार की गुंजाइश है। बेशक इस परीक्षा का परिणाम आपके लिए खास महत्व नहीं रखता मगर इस परीक्षा के नतीजे आपको बताते हैं कि आपकी तैयारी किस स्टेज पर है। एक अच्छा प्री-बोर्ड परिणाम आपके भीतर आने वाले बोर्ड एग्जाम के प्रति भरपूर उत्साह व जोश का भाव पैदा कर सकता है। इसलिए विद्यार्थियों को जनवरी महीने में होने वाली प्री-बोर्ड की परीक्षा को गंभीरता से लेते हुए, उसकी तैयारी में लग जाना चाहिए। आज यहां हम आपको आने वाली प्री-बोर्ड की परीक्षा की असरदार और बेहतरीन तैयारी के लिए कुछ आसान टिप्स बताएंगे।

एक बार अपने सारे सिलेबस पर नजर डाल लें

बेशक अभी तक तो ज्यादातर विद्यार्थियों के संपूर्ण सिलेबस अच्छे से याद हो गया होगा, लेकिन फिर भी एक बार हर विषय की तैयारी शुरू करने से पहले उसके सिलेबस पर जरूर नजर घुमा लें। इससे आपको हर विषय में अलग-अलग यूनिट के लिए निर्धारित अंकों का आईडिया हो जाएगा और आप उसके मुताबिक अधिक्तम अंक रखने वाली यूनिट की तैयारी पर ज्यादा जोर दें। इसके अलावा सिलेबस में आने वाले सभी टॉपिक, परिभाषाएं, थ्योरम व फॉर्मूले अच्छे से तैयार कर लें।

अपने कमजोर और मजबूत विषयों की तैयारी के लिए समय का उपयुक्त विभाजन करें

सिलेबस को देखने के बाद आपके दिमाग में हर सब्जेक्ट के लिए दो हिस्से बन जाते हैं, एक में आपके मजबूत विषय आते हैं और दुसरे में कमजोर विषय अब आपको इन दोनों तरह के विषयों के लिए समय का ऐसे विभाजन करना है कि आपको कमजोर विषयों पर तो अपनी पकड़ मजबूत करें ही बल्कि मजबूत विषयों को भी अपने दिमाग में पक्का कर पाएं, जाहिर है कि आपको कमजोर विषयों की तैयारी के लिए ज्यादा समय देना होगा।