Thursday, November 14, 2019 02:37 PM

प्लास्टिक उन्मूलन के मास्टर प्लान ने खींचे इन्वेस्टर्स

धर्मशाला पुलिस मैदान में पर्यावरण, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग ने सजाई प्रदर्शनियां, देश-विदेश से आए मेहमान देखकर हैरान

धर्मशाला -पहाड़ी राज्य हिमाचल प्रदेश में प्लास्टिक को जड़ से समाप्त करने के लिए मास्टर प्लान बनाया गया है। राज्य का यह प्लान देश-विदेश से आए हुए निवेशकों और मेहमानों को भी अपनी ओर खूब आकर्षित कर रहा है। ग्लोबल इन्वेस्टर्स मीट धर्मशाला में पर्यावरण, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा पुलिस मैदान में प्रदर्शनी लगाई गई हैं। इसमें हिमाचल में प्लास्टिक को खत्म करने और ग्रामीण स्वरोजगार को प्राकृतिक तरीके से प्रदान करने का मास्टर प्लान भी लोगों को बताया जा रहा है। विभाग की प्रदर्शनी में बताया जा रहा है कि राज्य में 200 किलोमीटर की सड़कें प्लास्टिक के कूड़े-कचरे से ही बनाई गई हैं। इतना ही नहीं प्लास्टिक वेस्ट से ईंटें और टाइल भी बना गई हैं, जिन्हें घरों में इस्तेमाल किया जा सकता है। इसके अलावा हिमाचल के सीमेंट कारखानों में प्लास्टिक वेस्ट को ईंधन के रूप में प्रयोग में लाया जा रहा है। हर कंपनी द्वारा एक प्रतिशत ईंधन प्लास्टिक के रूप में प्रयोग किया जा रहा है, इसके तहत हर वर्ष दस हजार टन प्लास्टिक की मैनेजमेंट हो रही है। वहीं, सरकार द्वारा प्लास्टिक उन्मूलन के तहत 75 रुपए प्रति किलो के हिसाब से खरीदा जा रहा है। प्रदेश के सभी नगर निगमों, परिषदों नगर पंचायतों में लोग 75 रुपए प्रतिकिलो के हिसाब से प्लास्टिक वेस्ट बेच सकेंगे, जिसे कहीं भी प्रयोेग में नहीं लाया जाता है। वहीं, प्लास्टिक व थर्माकोल की प्लेट को समाप्त करने के लिए पत्तों व डोने को प्रोत्साहित किया जा रहा है। इसके लिए लोगों को काम करने के लिए बड़ी-बड़ी कंपनियों के माध्यम से मशीनें भी प्रदान करवाई जा रही है। विभाग द्वारा इंडस्ट्री को क्लीयरेंस देने के समय ही पर्यावरण संरक्षण को लेकर कार्य करने की भी बात कही जा रही है। इसके तहत ही आम लोगों को मशीनें भेंट करके पर्यावरण संरक्षण का अनूठा उदाहरण दिया जा रहा है।

अखबार की तरह बेच सकेंगे प्लास्टिक

आने वाले समय में हिमाचल में अखबारों की तरह ही बेकार प्लास्टिक को लोग बेच सकेंगे। लोगों को अपने घर में ही प्लास्टिक बेचने की सुविधा भी मिल पाएगी, जिसके तहत लोगों को 75 रुपए प्रति किलो के हिसाब से पैसे भी मिल पाएंगे। जिससे प्लास्टिक के कचरे का सही प्रकार से सेग्रिगेशन किया जाएगा।