Tuesday, July 16, 2019 11:45 PM

फाइलों में तैयार हो रहा लाहुल का तांदी संगम घाट

केलांग—लाहुल-स्पीति में बनने वाले तांदी संगमघाट फाइलों में ही फंस कर रह गया है। भाजपा व कांग्रेस की सरकारों ने अपने-अपने कार्यकाल के दौरान उक्त स्थल पर घाट बनाने की जहां बात कही, वहीं तांदी संगम घाट के निर्माण की बाकायदा घोषणा भी की गई। ऐसे में पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने वर्ष 2017 में ऑनलाइन घाट की आधारशिला भी रखी थी, वहीं उस समय यह कहा गया था कि उक्त घाट के निर्माण पर 24 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे, जबकि  घाट का नक्शा भी तैयार था। यही नहीं, भाजपा के कई दिग्गज नेताओं ने की अस्थियां यहां प्रवाहित की गई थीं, वहीं भाजपा के बड़े नेताओं ने भी तांदी संगम में घाट का जल्द निर्माण कार्य करवाने का दावा किया था। बात कुछ भी हो भाजपा व कांग्रेस की सरकारों की घोषणाओं के बीच तांदी संगमघाट फाइलों में ही रह गया और यह धरातल पर नहीं उतर सका। तांदी संगमघाट धार्मिक एवं पर्यटन की दृष्टि से विशेष स्थान रखता है। यहां देश-विदेश के सैलानी पहुंच कर जहां विशेष पूजा करते हैं, वहीं स्थानीय लोगों में भी इस स्थल का विशेष महत्त्व है। लोगांे का कहना है कि लोकसभा चुनावों में राजनीति संगठनों के प्रत्याशियों को इसका जवाब भी देना होगा कि आखिर कार लाहुल में तांदी संगमघाट का निर्माण क्यों नहीं हो सका। लोगों का कहना है कि चुनाव चाहे विधानसभा के हों या फिर लोकसभा के यहां प्रत्याशियों को इस बात का जवाब लोगों को देना ही होगा। तांदी संगम घाट के निर्माण का मुद्दा अब लोकसभा चुनावों के दौरान शित मरुस्थल में गरमाने लगा है। लोगों का कहना है कि आस्था से जुड़े तांदी संगम में समय-समय पर सरकारें ने यहां हरिद्वार की तर्ज पर घाट बनाने की बात कही थी। कुछ राजनेताओं ने इस संबंध में बड़े-बड़े दावे भी किए, लेकिन यह सब हवा में ही रहे।  तांदी संगम घाट फाइलों में ही बनता रहा और लोग इस उम्मीद में बैठे रहे कि आज नहीं तो कल उक्त स्थल पर विशाल घाट का निर्माण होगा, जो लाहुल को नए मौकाम पर पहुंचाएगा। लाहुल में घाट तो दूर यहां पर निर्माण के नाम पर आज तक काम तक शुरू नहीं हो पाया। भाजपा-कांग्रेस के नेता जहां इस मुद्दे पर एक दूसरे को कोस रहे हैं।