फिर बैन होगा टिक टॉक

सरकार ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म्स टिकटॉक और हेलो को नोटिस भेजा है। आधिकारिक सूत्रों का कहना है कि नोटिस के साथ सरकार की ओर से इन्हें 21 सवाल भी भेजे गए हैं। साथ ही कहा गया है कि इन सवालों का उचित जवाब न देने की स्थिति में ऐप्स पर बैन लगा दिया जाएगा। इलेक्ट्रॉनिकी और प्रौद्योगिकी मंत्रालय की ओर से ये नोटिस राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े स्वदेशी जागरण मंच (एसजेएम) की शिकायत के बाद भेजे गए हैं। मंच की ओर से आरोप लगाए गए थे कि इन सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म्स का इस्तेमाल देश-विरोधी गतिविधियों के लिए किया जा रहा है। टिकटॉक और हेलो की ओर से एक ज्वाइंट स्टेटमेंट में कहा गया है कि उनकी योजना अगले तीन साल में एक बिलियन यूएस डालर (करीब 68 अरब रुपए) का निवेश करने की है, जिसकी मदद से एक तकनीकी ढांचा तैयार किया जाएगा। इसकी मदद से प्लेटफार्म पर अपलोड होने वाले वीडियोज और लोकल कम्युनिटी को मॉनीटर किया जाएगा। मंत्रालय ने टिकटॉक और हेलो से उन आरोपों पर जवाब मांगे हैं, जिनमें कहा गया है कि प्लेटफार्म देशविरोधी लोगों का ठिकाना बन गया है।

केंद्र सरकार ने पूछे फेक न्यूज से जुड़े सवाल

मंत्रालय की ओर से पूछा गया है कि प्लैटफॉर्म पर फेक न्यूज चेक करने और इसके खिलाफ ऐक्शन लेने के लिए अब तक क्या कदम उठाए गए हैं। साथ ही भारतीय कानून का पालन करते हुए क्या प्रयास किए जा रहे हैं? हेलो से भी मंत्रालय ने उस आरोप पर स्पष्टीकरण मांगा है, जिसमें कहा जा रहा है कि इसने सोशल मीडिया साइट्स पर 11,000 मॉर्फ्ड राजनीतिक विज्ञापन डालने के लिए बाकी मीडिया प्लेटफार्म्स को बड़ी रकम का भुगतान किया है।

चाइल्ड प्राइवेसी पर जताई चिंता

इसके अलावा मंत्रालय ने चाइल्ड प्रिवेसी वॉइलेशन को लेकर भी चिंता जताई है क्योंकि इन प्लैटफॉर्म पर 13 साल से ऊपर के यूजर अकाउंट बना सकता हैं। भारत में 18 साल से कम के लोग अवयस्क माने जाते हैं और बच्चों से जुड़े कानून उनपर भी लागू होते हैं।