Monday, October 21, 2019 10:29 AM

…फिर शुरू नहीं हुआ नालियों का काम

सोलन—लोक निर्माण विभाग सोलन द्वारा शहर के मालरोड पर पिछले एक वर्ष से बनाई जा रही नालियों का कार्य फिर से शुरू नहीं हो पाया है। काम में हो रही देरी के चलते व्यापारी वर्ग को परेशानी हो रही है और राहगीरों व वाहन चालकों को भी काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों ने विभाग से काम को जल्द से जल्द पूरा करने की मांग की है। गौर हो कि लोक निर्माण विभाग द्वारा शहर के मालरोड पर करीब 14 लाख रुपए की लागत से नालियों के नवनिर्माण का कार्य पिछले साल शुरू किया गया था। वहीं, सोलन में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के दौरे को देखते हुए केंद्रीय जांच व सुरक्षा एजेंसियों ने इस कार्य को बंद करवा दिया था। उनका पक्ष था कि इस निर्माण के चलते नालियों के समीप से जा रही दूरसंचार लाइनों के कटने का डर है, जिससे कनेक्टिविटी में दिक्कत आ सकती हैं। वहीं, जून 2018 के पहले सप्ताह में एक बार फिर से इस कार्य को आरंभ किया गया था, लेकिन राज्य स्तरीय मां शूलिनी मेला को देखते हुए इस कार्य को बीच में ही बंद कर दिया गया था, ताकि मेले के दौरान कोई परेशानी न हो, लेकिन एक वर्ष से अधिक का समय बीत जाने के बाद भी इस कार्य को विभाग द्वारा फिर से आरंभ नहीं किया गया है। शूलिनी मेला समाप्त हुए भी करीब 20 दिन बीत चुके  हैं इस अधूरे पड़े कार्य के कारण व्यापारियों को दिक्कतें आती हैं और राहगीरों व वाहन चालकों को भी खासी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। लोगों ने विभागीय अधिकारियों से मांग की है कि इस कार्य को जल्द से जल्द आरंभ कर पूरा किया जाए। शहरवासियों चिरंजी लाल, मदन लाल, अजय शर्मा, कृष्ण मेहता, जयवंती देवी, आशा रानी, प्रमोद गुप्ता आदि का कहना है कि करीब एक वर्ष से बंद पड़े इस कार्य को विभाग द्वारा जल्द से जल्द पूरा किया जाना चाहिए।

नालियों के ऊपर रखा जा रहा सामान

विभाग द्वारा मालरोड पर, जहां तक नालियों का कार्य पूरा किया गया है, उन्हें सीमेंट के चक्कों से ढका भी गया है। यह निर्णय मालरोड की सुंदरता व राहगीरों को चलने के लिए उपयुक्त स्थान प्रदान करने के उद्देश्य से लिया गया था, लेकिन इस स्थान पर स्थानीय दुकानदारों ने अतिक्रमण कर लिया है। आलम यह है कि कुछ दुकानदार अपनी दुकानों से काफी बाहर इन नालियों के ऊपर अपना सामान सजा देते हैं। ऐसे में ट्रैफिक से सराबोर रहने वाले मालरोड पर पैदल चलने वाले लोगों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है, वहीं हमेशा दुर्घटना का भय भी बना रहता है।