Wednesday, September 30, 2020 04:35 AM

फिल्मी कलाकार राजनीति से नाता न जोड़ें

-राजेश कुमार चौहान, जालंधर

अभिनेत्री दीपिका पादुकोण के जेएनयू में जाने पर आजकल सोशल साइट्स और अन्य साधनों द्वारा कुछ लोग इनकी आलोचना कर रहे हैं तो कुछ समर्थन कर रहे हैं। सबकी अपनी-अपनी सोच और अपना-अपना नजरिया होता है। दीपिका पादुकोण जेएनयू क्यों गई, यह तो वह ही जाने, लेकिन जब हर किसी को पता है कि जेएनयू राजनीति का अखाड़ा बन चुका है तो फिर फिल्म अभिनेत्री दीपिका पादुकोण को वहां जाने की क्या जरूरत थी? कोयले की दलाली में हमेशा मुंह काला होता है। कुछ फिल्मी कलाकारों के राजनीति में सक्रिय होने से फिल्म जगत के लोगों के किसी घटना स्थल पर जाने को भी हर कोई उसे राजनीति के चश्मे से देखता है, क्योंकि इनमें से कुछेक कभी-कभार ऐसी बयानबाजी कर देते हैं या किसी एक राजनीतिक पार्टी के पक्ष की गलत नीतियों के समर्थन में खडे़ होकर अपनी छवि खुद ही आम लोगों के बीच खराब कर लेते हैं। अगर हो सके तो फिल्म जगत के लोगों को देश के नागरिकों को और ज्यादा राजनीति की सफाई के प्रति जागरूक करने के प्रयास फिल्में बनाकर या अन्य तरीकों से करने चाहिए।