Thursday, November 14, 2019 02:24 PM

फैसले से पहले और फैसले के बाद भी न रूकी न डरी अयोध्या

अयोध्या-विवादित रामजन्मभूमि पर उच्चतम न्यायालय के फैसले को लेकर देश दुनिया का ध्यान आकर्षित करने वाली अमन पसंद अयोध्या में शनिवार को सारा दिन तनिक भी ऐसा नहीं लगा कि यहां के बाशिंदे ऐतिहासिक निर्णय को लेकर एक बार भी उत्साह या निराशा के दौर से गुजरे हैं।  राम की नगरी में विवादित स्थल को लेकर 500 साल से पुराने निर्णय का फैसला आज आखिरकार हो गया। फैसले के तहत 2़ 77 एकड़ विवादित भूमि रामजन्मभूमि न्यास को सौंपने और अयोध्या में पांच एकड़ जमीन पर मस्जिद का निर्माण किया जायेगा। इस फैसले को लेकर पिछले कुछ दिनो से सारे देश में भ्रम और अनहोनी का माहौल बना हुआ था। केन्द्र और राज्य सरकारों ने अफवाहों की रोकथाम और शरारती तत्वों पर नकेल के पूरे इंतजामात कर रखे थे। शुक्रवार शाम से ही लोगों ने जरूरत का सामान और सब्जियों बगैरह खरीद कर रख लिये थे। दूसरी ओर अयोध्या में आज की सुबह आम दिनों की तरह सामान्य दिखी। स्थानीय लोगों में इस ऐतिहासिक फैसले को लेकर कतई हड़बड़ाहट नहीं थी। कई लोगों को देर सुबह तक पता भी नहीं था कि फैसला आज आने वाला है। राम भक्तों को फैसला सुनने से ज्यादा पवित्र सरयू नदी में आस्था की डुबकी लगाने की जल्दी दिखी। हाथों में कपड़ों की पोटली थामे श्रद्धालुओं की टाेलियां सरयू के घाटों की तरफ हर दिन की तरह बढ़ी चली जा रही थी। बाजारों में रौनक आम दिनो की तरह ही थी। बुधवार को चौदह कोसी परिक्रमा समाप्त होने के बाद शुक्रवार को श्रद्धालुओं ने पंचकोसी परिक्रमा भी पूरे विधिविधान से पूरी की। बाजार आम दिनो की तरह खुली रही। स्नान ध्यान के बाद लोगबाग मिष्ठान भंडारों पर लजीज जलेबियों का लुत्फ उठा रहे थे। पूजन सामग्री समेत अन्य जरूरत की चीजों की दुकाने सजी हुयी थी। सुबह दस बजे से पहले तक शहर में भीड़भाड़ रही हालांकि ऐहतियात के तौर पर जिला प्रशासन ने बाहर से आने वाले चार पहिया वाहनो के प्रवेश में प्रतिबंध लगा दिया था।