Monday, June 01, 2020 02:32 AM

फोरलेन प्रोजेक्ट में मददगार लॉकडाउन

गर्मियों में जिला की सड़कों के सबसे व्यस्त शेड्यूल से राहत, काम को जल्द निपटाने का दबाव भी हटा

भुंतर-केंद्र सरकार के महत्त्वाकांक्षी फोरलेन प्रोजेक्ट के लिए कोरोना संक्रमण के कारण लगा लॉकडाउन मददगार साबित हुआ है। लॉकडाउन ने प्रोजेक्ट के तहत हो रहे सड़क निर्माण के कार्य को तेजी प्रदान की है। लिहाजा, अब सड़क के निर्माण को लेकर पहले जो देरी की आशंका जताई जा रही थी, उससे एनएचएआई को राहत मिली है। इन दिनों औट से लेकर कुल्लू तक फोरलेन का कार्य जोर पकड़ चुका है। बता दें कि अप्रैल से अगस्त तक का समय कुल्लू में पर्यटकों की सबसे ज्यादा आवाजाही वाला रहता है और इस दौरान यहां की सड़कें पूरा दिन और रात व्यस्त रहती हैं। ऐसे में फोरलेन प्रबंधन को कार्य करने में दिक्कत होना तय था। पिछले दो सालों से गर्मियों में इस कारण से सबसे ज्यादा कार्य प्रोजेक्ट का प्रभावित हुआ है। जिला में इन तीन माह के दौरान दस से 12 लाख सैलानी पहुंचते हैं और सड़कों पर लंबा जाम लगता है। फोरलेन के काम को इस साल के अंत स्थान निपटाने की प्लानिंग बना चुके एनएचेएआई को इसी जाम की चिंता पहले सता रही थी, लेकिन इस बीच लॉकडाउन लगने के कारण अब जिला की सड़कों पर स्थानीय वाहन ही हैं और इसमें भी टैक्सियां और बसें शामिल नहीं हैं। गौर रहे कि फोरलेन प्रबंधन पर बजौरा से जीया तक बाइपास रोड और रामशिला तक लैफ्ट मार्ग के काम करने का दबाव था। भुंतर और बजौरा में लगने वाले जाम से निजात दिलाने के लिए विकल्प के तौर पर सबसे पहले बजौरा से हाथीथान तक के कार्य को करवाने पर जोर दिया जा रहा था, लेकिन अब हालात इनके लिए अपने आप ही आसान हो गए हैं। लॉकडाउन के कारण अब अगले साल तक सैलानियों के पहुंचने पर संदेह की स्थिति है तो ऐसे में इस सड़क को जल्द से जल्द तैयार करने का दबाव भी अब नहीं रहा है। उधर, एनएचएआई के अधिशासी अभियंता महेश राणा के अनुसार कार्य को जल्द से जल्द निपटाने के लिए एजेंसियों को निर्देश दिए हैं।