Wednesday, July 08, 2020 01:26 PM

फ्री राशन तो दूर, पानी का भी संकट

गरली  - भले ही कोरोना वायरस के दौरान भूख प्यास से तड़फ रहे प्रत्येक गरीब परिवारों को घर में निःशुल्क  राशन मुहैया करवाने के सरकार व  स्थानीय प्रशासन बड़े-बडे़ दावे कर रहा है, लेकिन गरली के निकटवर्ती गांव नक्की खड्ड में झुग्गी-झोपड़ी बनाकर अपना जीवनयापन कर रहे करीब 800 ज्यादा प्रवासी मजदूरों के आगे सरकारी दावे अब तक खोखले साबित हुए हैं। यहां सरकारी घोषणा के बाद भी राशन मिलना तो दूर, बूंद-बूंद पानी के लिए भी यह सैकड़ों मजदूर हर रोज दर=दर की ठोकरें खाने को मजबूर है। सरकार की घोषणा की पोल खोलने के लिए इतना ही काफी है। दिव्य हिमाचल गरली के प्रतिनिधि ने रविवार को जब गांव नक्की खड्ड में  झुग्गी झोपड़ी का दौरा किया, तो हर किसी प्रवासी के मुंह से एक ही सवाल निकल रहा था कि कोई सरकारी कर्मचारी हमें यहां से कहीं पलायन न करने व सबको निःशुल्क राशन मुहैया करवाने के लिए कह तो गए थे, लेकिन आज तक वापस हमारी सुध नहीं ली, वहीं उक्त प्रवासियों ने कहा कि  निःशुल्क  राशन मिलना तो दूर, जब से कोरोना वायरस फैला है, उसी समय से पानी के लिए भी परेशानी पैदा हो गई है। यहां नक्की खड्ड में केवल विभाग ने एक ही नल लगा रखा है। उसी नल से बारी-बारी सबको पानी भरना पड़ता है। उक्त मजदूरों का आरोप है कि कोरोना वायरस के चलते सरकार के नियमों का पालन करते हुए कोई भी परिवार अपने घर यूपी बिहार या राजस्थान के लिए नहीं गया है, लेकिन मेहनत मजदूरी बंद होने के कारण अब दो वक्त की रोटी का जुगाड़ करना बहुत ही मुश्किल हो गया है। हालत ऐसे है कि कुछेक लोग भूखे-पेट सोने को मजबूर है। इस पर जब ‘दिव्य हिमाचल मे उक्त नल में पानी भर रहे लोगों की तस्वीर अपने कैमरे में कैद की तो हैरान करने वाला दृश्य सामने आया। यहां बिना मास्क लगाए एक साथ 50 से 60 प्रवासी लोग एक साथ नल से पानी भरते हुए नजर आए, जबकि इस दौरान दो महिला पुलिस कर्मचारी उक्त प्रवासी को नल से पानी भरने के लिए दूर-दूर डिस्टेंस बनाकर खडे़ होने के लिए जागरूक कर रही थी।