Thursday, July 16, 2020 06:13 PM

बंजर भूमि में उगा दिए कीवी के 400 पौधे

दाड़लाघाट-यदि इंसान कुछ कर गुजरने की ठान ले तो बंजर भूमि को भी उर्वरा बना सकता है। दाड़लाघाट पंचायत के जावी गांव के चार भाइयों डा. योगराज शुक्ला, देवराज शुक्ला, धर्मपाल शुक्ला और डा. मुकेश शुक्ला ने इस कथन को सत्य चरितार्थ किया है। ये सभी भाई अपनी सरकारी सेवा या अन्य दिनचर्या की व्यस्तता से बचे समय का सदुपयोग अपनी जमीन के कार्य में करते हैं और इन्होंने साढ़े तीन बीघा की जंगल नुमा भूमि को तैयार किया। जिसमें विभिन्न प्रकार के फलों के पौधे तथा नीचे बनी क्यारियों में सब्जियां उगा रहे हैं। मजे की बात तो यह है कि इस जमीन के आस-पास सिंचाई करने के लिए पानी की कोई भी व्यवस्था नहीं थी, लेकिन इन्होंने एक हार्वेस्टिंग टैंक बनवा कर उसमें किचन, बाथरूम का वेस्ट पानी तथा वर्षा होने पर छत का पानी इकट्ठा करने की व्यवस्था बनाई और उसी पानी से इनका हराभरा बागीचा लहलहा रहा है। इन्होंने इस बागीचे में विशेष रूप से कीवी के लगभग 400 पौधे लगाए हैं जिन की पौध इन्होंने स्वयं तैयार की है। कीवी फल की विशेषता बताते हुए धर्मपाल शुक्ला कहते हैं कि यह फल बिना रेफ्रिजरेटर के छह महीने तक खराब नहीं होता न ही अपना स्वाद बदलता है। इसके अतिरिक्त सेब, आडू़, जापानी फल, खुमानी अनार इत्यादि का बगीचा लगाया है, लगभग सभी प्रजाति के पौधों ने फल देना शुरू कर दिया हैं। यही नहीं इन पौधों के नीचे बनी क्यारियों में इन्होंने टमाटर, मटर, बीन्स, हल्दी, अदरक, लहसुन, प्याज, धनिया, घीया, तोरी, खीरा, करेला इत्यादि सब्जियां पैदा कर रहे हैं। इनका कहना है कि उन्होंने गत वर्ष से बाजार से कोई भी सब्जी नहीं खरीदी है बाजार में सब्जियां बेचते जरूर हैं। प्रवक्ता धर्मपाल का कहना है कि यह सब प्रेरणा उन्हें अपने बड़े भाई प्रोफेसर योगराज शुक्ला से मिली। उन्होंने आगे कहा कि यदि आज का बेरोजगार युवा कुछ करना चाहे तो वह इस प्रकार की खेती कर अच्छी कमाई कर सकता है इसमें कोई संदेह नहीं।