Wednesday, February 26, 2020 04:21 PM

बढ़ती जनसंख्या के सरोकार

- राजेश कुमार चौहान

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वतंत्रता दिवस के मौके पर लाल किले से जो भाषण दिया, उसमें जो देश के विकास के लिए बातें उन्होंने कहीं, उन पर सरकार कितना खरा उतरी या उतरेगी इस पर सभी के अपने-अपने विचार हो सकत है, लेकिन उन्होंने देश में बढ़ती जनसंख्या पर जो चिंता जताई, उस पर सबको चिंतन करना चाहिए। संयुक्त राष्ट्र के आर्थिक एवं सामाजिक मामलों के विभाग के पॉपुलेशन डिविजन के द वर्ल्ड पॉपुलेशन प्रोस्पेक्ट 2019 ने एक रिपोर्ट से खुलासा किया है कि अगले 30 वर्षों में विश्व की जनसंख्या दो अरब तक बढ़ने की संभावना है, और इसी के साथ यह भी बताया गया है कि अगले लगभग 8 वर्षों में भारत, चीन को जनसंख्या के मामले में भी पछाड़ कर  दुनिया में नम्बर एक बन सकता है। जनसंख्या वृद्धि के लिए गरीब या अशिक्षित लोग ही जिम्मेवार नहीं हैं, बल्कि पढे़-लिखे अमीर वो लोग भी जिम्मेवार हैं जो लड़के की चाहत, पिंडदान जैसी रूढ़ीवादी सोच अपने दिमाग में पाले रखे हैं। अब समय आ चुका है कि सरकार देश में बढ़ती जनसंख्या को नियंत्रित करने के लिए गंभीरता दिखाते हुए जनसंख्या नियंत्रण कानून बनाकर इसे गंभीरता से लागू करे।