Thursday, December 12, 2019 03:15 PM

बताओ! कैसे लोड हो पाएंगे ट्रक

करसोग—यहां से लगभग डेड किलोमीटर की दूरी पर स्थित खाद्य आपूर्ति निगम के इकलौते राशन भंडार के बाहर वाले रास्ते पर तगड़ा कीचड़ मलबा पसरा हुआ है जिस कारण राशन गोदाम से ट्रक लोड करना लगभग असंभव तथा किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं है। जिस पर गौर किया जाना चाहिए आए दिन खाद्य आपूर्ति निगम के राशन भंडार तक जाने वाली मात्र 50 मीटर सड़क गहरे गड्ढे तथा भारी कीचड़ से सनी रहती है जो चालकों के लिए बहुत बड़ी परेशानी का कारण तथा किसी बड़ी दुर्घटना को भी अंजाम दिया जा सकता है परंतु संबंधित विभाग इस स्थान की मरम्मत करने के लिए कोई कदम नहीं उठा रहा है। मुश्किल है तो वाहन चालकों के लिए। वाहन चालकों की मांग है कि राशन भंडार वाली कुछ मीटर की सड़क को तुरंत सुधारा जाए अन्यथा राशन लादने वाले कार्य पर कभी ब्रेक लग सकती है।

जाम से हर कोई तंग

करसोग - विधान सभा के प्रमुख बाजार को जाम से बचाने के लिए स्थानीय लोग पिछले कई सालों से कोई विकल्प निकालने की मांग करते आ रहे हैं स्थानीय बाजार के व्यापारी मनीष गुप्ता सुरेश चौहान जितेंद्र गुप्ता विकास कुमार महेश शर्मा आदि कई लोगों ने मांग रखते हुए कहा करसोग बाजार की सड़क तंग है तथा वाहनों का दबाव भी कुछ सालों के दौरान बेतहाशा बढ़ चुका है जिसके चलते करसोग को जाम से बचाने के लिए बाईपास सड़क निर्माण करने के लिए जल्द से जल्द कदम उठाए जाने चाहिए करसोग बाजार के व्यापारियों की मांग है कि करसोग बाजार में रोजाना झाड़ू सफाई तथा कूड़ा कचरा उठाने की व्यवस्था की जानी चाहिए।

मुद्रिका बसें चलाई जाएं

करसोग-कस्बे से शहर की ओर तब्दील हो चुके उपमंडल मुख्यालय के बस अड्डा करसोग से कुछ मुद्रिका बसें चलाए जाने की मांग मुखर होती जा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि परिवहन निगम करसोग के माध्यम से एक बस अड्डा करसोग से लेकर  बाजार होते हुए वाया बढारनू, नेहरा, बंथल, सुनारली होते हुए पूरा दिन चलती रहनी चाहिए तथा एक बस करसोग से घड़ाथा, केलोधार, बखरोट, कामाक्षा, भनेरा आदि के लिए भी पूरा दिन चलती रहनी चाहिए ताकि स्थानीय यात्रा करने वाले लोगों को बसों की आवाजाही के लिए लंबी प्रतीक्षा नहीं करनी पड़े। करसोग से वाया भडारनू हो कर जाने वाली स्यांज बस जो कि बंद पडी हुई हैं उसे बहाल किया जाए।

रोहाडा-प्रेसी स्कूल ने दिया संदेश

जलाशयों के उद्धार के लिए प्रेसी के स्काउटस एवं  देवदार ईको  क्लब के सदस्यों ने अंकुश ठाकुर की अगवाई में जल संरक्षण व प्राकृतिक जल स्रोतों को पुनर्जीवित करने व बनाए रखने का बीड़ा उठाया हुआ है। प्रदेश के मंडी जिला व करसोग उपमंडल के दूरदराज क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले दूरदराज के क्षेत्र ग्राम पंचायत बाढ़ो रोहाडा व प्रेसी के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय प्रैसी के भारत स्काउटस एवं गाईडस इकाई तथा देवदार ईको क्लब के सदस्यों ने स्काउट मास्टर व प्रभारी देवदार ईको क्लब अंकुश ठाकुर की अगवाई में सात सदस्यीय दल ने प्राकतिक जल स्रोतों, जलाशयों को साफ  करने व इन्हें पुनः प्रयोग में लाने के लिए एक बार फिर मिसाल कायम की है। बाढो रोहाडा पंचायत के वन क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले क्षेत्र में वन रक्षक शलाणी बीट भाग चंद व वन विभाग के अन्य कर्मचारियों की उपस्थिति व सहयोग से विश्राम गृह चरखड़ी के समीप स्थित जलाशय, कुफरी को नई जान देने के लिए स्काउटस एवं गाईडस इकाई तथा देवदार ईको क्लब के सदस्यों ने प्रधानाचार्य इंद्र सिंह व एसएमसी प्रधान धर्म चंद की अनुमति से अंकुश ठाकुर, चमन लाल, महेंद्र कुमार, झाबी राम, सेत राम, खूब राज व दुनी चंद ने कड़ी मेहनत कर विभिन्न दिशाओं से पानी के बहाव को कुफरी में लाने के लिए नालियां खोदीं, व कुछ नालियां बनाईं, अवांछित मिट्टी को किनारे किया ताकि बहते पानी का बड़ा हिस्सा इस कुफरी में आ सके और प्राकृतिक जल स्रोतों बावड़ीयों व चश्मों को पुनर्जीवित किया जा सके।