Wednesday, April 24, 2019 05:27 AM

बताओ, कैसे होगी सेब की सेटिंग

रिकांगपिओ—सेब बहुल क्षेत्र किन्नौर जिला के कम ऊंचाई वाले क्षेत्रों में इन दिनों सेब के पौधों पर फ्लावरिंग का दौर शुरू हो चुका है लेकिन मधुमक्खियों के अभाव में सेब की अच्छी सेटिंग न होने का डर बागबानों को सताने लगा है। बागबानी विशेषज्ञों का कहना है कि सेब की अच्छी पैदावार के लिए मधुमक्खियों का फ्लावरिंग के दौरान खासा प्रभाव रहता है। इसी लिए बागबानों को विशेषज्ञों द्वारा विशेष रूप से सलाह दी जाती है कि सेब फ्लावरिंग के दौरान सेब के बगीचों में मधुमक्खियों के कुछ डब्बे अवश्य रखे। लेकिन हैरानी की बात है कि किन्नौर जिला के निचले क्षेत्रों में उद्यान विभाग का आना मधुमक्खियों के डब्बे अब तक नहीं पहुंचा है। जिला किन्नौर में भी सेब के फूलों पर पोलीनेशन की प्रक्रिया को बढ़ाने के लिए उद्यान विभाग द्वारा हर वर्ष मधुमक्खियों के डब्बे तो मंगवाती है लेकिन ऐसे समय मे मधुमक्खियों के डब्बे किन्नौर लाया जाता है जब किन्नौर के निचले क्षेत्रों में फ्लावरिंग लगभग समाप्त हो चुका होता है। उद्यान विभाग की यह उदासीनता बीते कई वर्षों से देखा जा रहा है। किन्नौर के निचले क्षेत्रो के बागबानों सहित पंचायत प्रधान किल्बा अनिता नेगी, पंचायत प्रधान चगांव वीर सिंह नेगी, पंचायत उप प्रधान किल्बा विकास नेगी, पंचायत प्रधान मीरु किरण नेगी, पंचायत प्रधान उरनी गीता ज्ञानी, पंचायत समिति सदस्य किल्बा जितेंद्र नेगी, पूर्व पंचायत प्रधान उरनी सुनिल नेगी आदि क्षेत्र के कई बागबानों ने डीसी किन्नौर सहित उपनिदेशक उद्यान विभाग किन्नौर से मांग की है कि किन्नौर के निचले क्षेत्रों में भी सेब फ्लावरिंग शुरू होना शुरू हो चुका है इस लिए इन क्षेत्रों में भी मधुमक्खियों के डब्बे पहुंचाया जाए, ताकि इन क्षेत्रों में सेब की सेब की अच्छी पैदावार हो सके।