Sunday, September 22, 2019 07:48 AM

बद्दी के शाहपुर में डायरिया; दो बच्चियों की मौत, 70 बीमार

झुग्गियों में रहने वाले प्रवासियों पर टूटी मुसीबत; बद्दी, नालागढ़ व पंचकूला के अस्पतालों में चल रहा उपचार

 बद्दी -औद्योगिक क्षेत्र बद्दी से सटे शाहपुर गांव में डायरिया फैलने से दो बच्चियों की मौत हो गई है, जबकि 70 से ज्यादा प्रवासियों का बद्दी, नालागढ़ व पंचकूला के अस्पतालों में उपचार चल रहा है। डायरिया की चपेट में आने से मरने वाली बच्चियों में से दस वर्षीय भावना पुत्री शिव दयाल की झुग्गी में ही मौत हो गई थी, जबकि अढ़ाई वर्षीय लतिका की बद्दी स्थित निजी अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई। इसके अलावा दीपाली, शीतल , पिंकी, आरुषी, नेहा, धन सिंह, आदेश, राम सिंह, शांति, अली मिर्जा, प्रियंका, ममता, अनु, प्रियांशी, अलीशा व सर्वेंदर का पंचकूला अस्पताल में उपचार चल रहा है, जबकि 23 प्रवासी नालागढ़ स्थित अस्पताल में उपचाराधीन हैं। इसके अलावा 32 प्रवासियों का झुग्गियों में ही उपचार किया जा रहा है। डायरिया के कहर से लोगों को बचाने के लिए हिमाचल व हरियाणा का स्वास्थ्य विभाग भी हरकत में आ गया है और इसी कड़ी में बुधवार को स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने प्रवासी कामगारों की झुग्गियों का दौरा किया और झुग्गियों में रह रहे प्रवासियों के स्वास्थ्य जांच के बाद क्लोरिन व ओआरएस सहित अन्य दवाएं वितरित की गईं। जानकारी के मुताबिक बद्दी-हरियाणा की सीमा पर स्थित शाहपुर गांव में उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब मंगलवार रात अचानक एक साथ दर्जनों लोगों को उल्टी व दस्त होने लगे। प्रवासियों ने झुग्गियों की बगल में स्थित एक पानी की टंकी का पानी पिया था, जिसके बाद से वे सब डायरिया की चपेट में आ गए। दरअसल झुग्गियों में रह रहे प्रवासियों के पास पेयजल सुविधा के नाम पर प्राकृतिक स्रोत व गंदगी से अटे पड़े टैंकों के अलावा कोई व्यवस्था नहीं है, ऐसे में ये लोग गंदा पानी पीने को मजूबर हैं। शाहपुर में भी इसी वजह से दर्जनों परिवार जलजनित रोगों की चपेट में आ गए। जब उल्टी दस्त के मामले लगातार बढ़ने लगे तो लोगों ने उपचार के लिए सीएचसी बद्दी सहित स्थानीय निजी अस्पतालों का रुख किया। हालात ये रहे कि डायरिया फैलने के बाद अचानक से बद्दी व नालागढ़ सीएचसी में मरीजों की बाढ़ सी आ गई, जिसके चलते दर्जनों मरीजों को पंचकूला रैफर करना पड़ा। बुधवार को मामले की गंभीरता को देख हरियाणा और हिमाचल प्रदेश के स्वास्थ्य विभाग के कर्मी मामले की जांच के लिए पहुंचे और दवाइयां वितरित करते हुए पेयजल स्रोत से पानी के सैंपल भी भरे गए। डायरिया फैलने की सूचना मिलते ही हिमाचल और हरियाणा का स्वास्थ्य विभाग हरकत में आया और शाहपुर गांव जाकर डायरिया से पीडि़त लोगों के स्वास्थ्य की जांच की और गंभीर हालत वाले मरीजों को अस्पताल पहुंचाया। बताते चलें कि बद्दी बरोटीवाला के उद्योगों में कार्यरत ये प्रवासी बद्दी हरियाणा सीमा पर स्थित शाहपुर गांव में झुग्गी-झोपडि़यां बसा कर रह रहे हैं। शाहपुर में भी 200 से ज्यादा झुग्गियां है, जिनमें सैकड़ों प्रवासी गुजर-बसर कर रहे हैं, लेकिन सफाई व्यवस्था के अभाव और स्वच्छ पेयजल न होने से जानलेवा बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। बीएमओ नालागढ़ केडी जस्सल ने बताया कि नालागढ़ अस्पताल में 23 मरीज उपचाराधीन हैं, उन्हें प्राथमिक उपचार दे दिया गया है और उनकी हालत खतरे से बाहर है। बद्दी सीएचसी के प्रभारी डाक्टर अरोड़ा ने बताया की मंगलवार रात से उल्टी-दस्त के 70 से ज्यादा मामले यहां आ चुके हैं। इनमें से कुछ मामलों को पंचकूला व नालागढ़ रैफर किया गया है, जहां उनका उपचार चल रहा है। इस वजह से दो बच्चों की मौत भी हो गई है। उधर, पंचकूला के जिला स्वास्थ्य अधिकारी राजीव नरवाल ने बताया कि शाहपुर में डायरिया फैलने से 70 से ज्यादा लोग चपेट में आए हैं, जिनकी हालत अब स्थिर है, जबकि दो बच्चियों की डायरिया की वजह से मौत हो गई है। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की टीम ने प्रवासी कामगारों की झुग्गियों का दौरा किया और झुग्गियों में रह रहे प्रवासियों के स्वास्थ्य जांच के बाद क्लोरिन व ओआरएस सहित अन्य दवाएं वितरित की गई हैं। उन्होंने बताया कि स्थिति अब नियंत्रण में है।