Wednesday, December 11, 2019 05:16 PM

बर्फ की मार…किन्नौर में सेब तुड़ान ठप

जिला में मौसम ने फिर बदली करवट, बर्फबारी होने से सेब सीजन पर बुरा असर

रिकांगपिओ -एक बार फिर किन्नौर जिला में शुक्रवार शाम से ही मौसम ने करवट बदली शुरू कर दी। शुक्रवार सुबह तक किन्नौर के समूचे ऊंची पहाडि़यों पर बर्फ गिरने के साथ साथ आवादी वाले क्षेत्रों में रुक रुक कर बारिश होने का क्त्रम देखा गया। शुक्रवार पूरे दिन आवादी वाले क्षेत्रों में रुक-रुक कर बारिश होती रही। बीते एक सप्ताह से मौसम में आई इस बदलाब के चलते ठंड में भी काफी इजाफा देखा जा रहा है। समूचे किन्नौर में ठंड इतनी अधिक बड़ गई है कि लोगों ने अभी से ही रजाई कंबल सहित गर्म वस्त्र ओढ़ने शुरू कर दिए है। किन्नौर जिला के शीत मरुस्थलीय क्षेत्रों में तो शीत लहर जैसी ठंड देखी जा रही है। शुक्त्रवार को इन क्षेत्रों में हुई बारिश के कारण लोगों का अधिकांश समय घरों में ही बीता। मौसम में आई इस बदलाब के बीच लोगों की एक बड़ी चिंता अपने नकदी फसल सेब को लेकर भी देखी जा रही है। किन्नौर के अधिकांश क्षेत्रों में सेब की फसल अभी पेड़ो में ही पड़ी है। खुदा न करे मौसम का मिजाज कुछ दिन और इसी तरह और रहा है तो यह सेब की फसल पर भी प्रतिकूल असर डाल सकता है। मौसम में आई इस बदलाब के कारण सेब तुड़ान का कार्य भी ठप पड़ गया  है। सेब बागबान मौसम साफ  होने का इंतजार कर रहे है। जनजातीय जिला किन्नौर में बीते एक सप्ताह से मौसम में आई बदलाब के बीच किन्नर  कैलाश, लियो पुरगिल, मानेरंग, जांस्कर सहित ग्रेट हिमालयन की ऊंची पर्वतमालाओं पर गुरुवार शाम से ही बर्फ  पड़ने का दौर देखा जा रहा है। यह सभी ऊंची पहाडि़या सफेद चादर में लिप्त गई है।  उपनिदेशक उद्यान विभाग किन्नौर हेम चंद शर्मा बताते है कि गत वर्ष जिला किन्नौर में 30 लाख के करीब सेब पेटियों का उत्पादन दर्ज किया गया था लेकिन इस वर्ष फिल्ड से जुटाए गए आंकड़ो के अनुसार जिला में 25 लाख सेब पेटियों का उत्पादन होने का अनुमान है। इस वक्त किन्नौर जिला से आठ लाख के करीब ही  सेब पेटियां मंडियों में जा चुकी है। किन्नौर में सेब सीजन पूरे यौवन पर चल रहा था। दो तीन दिनों से मौसम में आई बदलाब के कारण सेब उत्पादकों को थोड़ा असुविधा जरूर हुई है।  मौसम में कई बदलाव के बाबजूद शुक्रवार को जिला मुख्यालय रिकांगपिओ से रामपूर सहित शिमला की और छोटी बड़ी सभी वाहनों की आवाजाही सामान्य रूप से चलती रही। इसी तरह सांगला, कल्पा सहित छितकुल आदि क्षेत्रों में वाहनों की आवाजाही सामान्य रूप से चलती रही। विद्युत आपूर्ति में भी कोई रुकावट नहीं देखी गई।