Thursday, February 21, 2019 10:51 AM

बल्लेबाजी में हीरो, कप्तानी में जीरो

नई दिल्ली— बल्लेबाज के रूप में विराट कोहली इंग्लैंड के 2014 दौरे के बुरे सपने से 2018 में शानदार तरीके से उबरने में सफल रहे, लेकिन इस टेस्ट शृंखला से साबित हुआ कि उनकी कप्तानी में अब भी काफी सुधार की गुंजाइश है। कोहली का यह आकलन सही है कि 1-4 की हार के दौरान लाड्र्स टेस्ट के अलावा बाकी टेस्ट में इंग्लैंड की टीम पूरी तरह से उन पर दबदबा नहीं बना पाई, लेकिन मेजबान टीम ने अहम मौकों पर बेहतर क्रिकेट खेला। इस शृंखला से साबित हुआ कि कोहली सिर्फ भारत में ही नहीं, बल्कि विश्व क्रिकेट में अपने समकक्षों से कहीं आगे हैं। कोहली ने शृंंखला के दौरान दो शतक और दो अद्र्धशतक की मदद से 593 रन बनाए और इस दौरान प्रतिद्वंद्वी गेंदबाज जेम्स एंडरसन के साथ उनका संघर्ष लोगों के लिए दर्शनीय रहा। शृंखला के भारत के दूसरे सर्वोच्च स्कोर लोकेश राहुल रहे, जिन्होंने 299 रन बनाए, लेकिन इसमें से 149 रन उन्होंने महज औपचारिकता के अंतिम मुकाबले में बनाए, जिसमें दबाव नहीं था। कोहली ने हालांकि यह परखने में गलती की कि उनके साथी खिलाड़ी इंग्लैंड के मुश्किल हालात के लिए उतने तैयार नहीं हैं, जितने वह स्वयं हैं।

रिपोर्टर के सवाल पर भडक़े

लंदन —  इंग्लैंड के खिलाफ सीरीज 1-4 से गंवाने के बाद विराट जब प्रेस कान्फ्रेंस में पहुंचे, तो उनके चेहरे पर हार की निराशा साफ नजर आ रही थी। हालांकि विराट का मानना है कि टीम ने इंग्लैंड को कड़ी टक्कर दी। इस दौरान एक रिपोर्टर के सवाल पर विराट कुछ भडक़े हुए भी नजर आए। दरअसल रिपोर्टर ने जब विराट से पूछा कि टीम जिस तरह से हारी है, तो क्या आप मानेंगे कि ये पिछले 15 सालों की सबसे अच्छी भारतीय टेस्ट टीम है। इस विराट ने कहा कि हमें इस पर विश्वास करना होता है। रिपोर्टर ने जब दोबारा सवाल किया, तो विराट कुछ इरिटेट हो गए और पलट कर यही सवाल रिपोर्टर से पूछ लिया। इस पर रिपोर्टर ने कहा कि उसे नहीं लगता कि ये टीम पिछले 15 सालों की बेस्ट टेस्ट टीम है, जिस पर विराट ने थोड़े भडक़े हुए अंदाज में जवाब दिया कि ये तुम्हारी राय है।