Monday, November 18, 2019 05:14 AM

बसों की मांग को लेकर निदेशक कार्यालय का घेराव

शिमला—सीपीएम ने प्रदेश में हो रही बस दुर्घटनाओं को रोकने व जनता को उचित बस सुविधा देने की मांग को लेकर गुरुवार को प्रबंधन निदेशक कार्यालय के बाहर धरना-प्रर्दशन किया। इस दौरान सीपीआईएम ने निगम प्रबंधन पर जनता को परिवहन सेवा देने मेंे पूर्णतः विफल रहने का आरोप भी लगाया। इस धरने में सीपीआईएम के राज्य सचिव ओंकार शाद, विधायक राकेश सिंघा, राज्य सचिव मंडल के सदस्य संजय चौहान, राज्य कमेटी के सदस्य विजेंद्र मेहरा, फालमा चौहान, बलबीर पराशर तथा राजिंद्र चौहान, चंद्रकांत, हेमराज, जगदीश, शीला, मधु सिंह, जयशिव, जियानंद, रमन ने भाग लिया। इस धरने प्रदर्शन के माध्यम से प्रदेश में सरकार व हिमाचल पथ परिवहन द्वारा जनता को उचित बस सेवा उपलब्ध करवाने में विफलता को उजागर किया गया। सीपीआईएम का आरोप है कि पथ परिवहन निगम में ड्राइवर व कंडक्टर के सैकड़ों पद रिक्त पड़े हैं। इसके चलते आज स्कूल के बच्चे विशेष रूप से छात्राओं, किसानों, कर्मचारियों, महिलाओं को परेशानी उठानी पड़ रही हैं। राज्य सचिवमंडल के सदस्य संजय चौहान ने कहा कि हादसे के बाद प्रशासन ओवरलोडिंग के नाम पर बसों से लोगों को उतार रहा है। इसमें विशेष रूप से पथ परिवहन की बसों में स्कूली बच्चों को चिह्नित कर उन्हें परेशान किया जा रहा है, जबकि निजी बसों में ओवरलोडिंग बदस्तूर जारी है। ग्रामीण क्षेत्रों में तो कई कई दिनों तक बस सेवा नहीं चलाई जा रही है, जिसके कारण आज बच्चों के साथ साथ गरीब किसान बुरी तरह से प्रभावित हो रहा है। उसे अपनी सब्जी या फल के एक आधे नग को मंडियों तक पहुंचाने में परेशानी हो रही है और उसकी सब्जी व फल सड़ रहे हैं। प्रबंध निदेशक से वार्ता के दौरान उन्होंने माना कि पथ परिवहन निगम के पास ड्राइवर व कंडक्टर की कमी चल रही है, जिसके कारण आज पथ परिवहन निगम के बस रूट प्रभावित हो रहे हैं। उन्हें कहा गया कि जहां केवल एक या दो बसें चलती हैं वहां बस सेवा तुरंत बहाल की जाए तथा पथ परिवहन निगम की बसों में  ओवरलोडिंग के नाम पर जनता को परेशान करना बंद करे और यदि ऐसे ही हालात रहें तो नई बसे चलाई जाएं। प्रबंधन निदेशक ने जहां एक बस चलती है उन्हें तुरंत बहाल करने की बात को स्वीकार किया तथा शुक्रवार तक इस पर ठोस निर्णय लिया जाएगा और ओवरलोडिंग को लेकर प्रशासन से बात करेंगे। इस आश्वासन के पश्चात धरना स्थगित किया गया और यदि सरकार व पथ परिवहन निगम द्वारा बस सेवा सुचारू रूप से न चलाने के कारण जनता को आ रही परेशानी को एक सप्ताह के भीतर दूर नही करती तो सीपीआईएम इसको लेकर जनता के साथ मिलकर धरना प्रदर्शन करेगी। इसे तब तक जारी रखा जाएगा। जब तक सरकार प्रदेश में बस सेवा को सुचारू नहीं करेगी।