Sunday, November 17, 2019 03:34 PM

बस के लिए तरसे स्मार्ट सिटी के लिंक रोड

धर्मशाला में गांव तो दूर, शहर में भी नहीं मिलती परिवहन की सुविधा

धर्मशाला -स्मार्ट सिटी धर्मशाला में चारों तरफ सड़कों का जाल बिछा हुआ है। इन्वेस्टर मीट की तैयारियों से पहले तक तो मुख्य सड़क मार्गों से बेहतर स्थिति में धर्मशाला के लिंक मार्गों की स्थिति कही जा सकती थी, लेकिन आलम यह है कि इन बेहतरीन सड़कों पर परिवहन सुविधा के नाम पर कुछ भी नहीं है। धर्मशाला में छोटे से कार्य के लिए भी लोगों को अपने वाहन घरों से निकालने पड़ते हैं, जो कि धर्मशाला में पार्किंग की समस्या को जन्म दे देते हैं।  धर्मशाला के मुख्य क्षेत्र गुरुद्वारा रोड, श्यामनगर, रामनगर, सिविल लाइन, चेलियां, स्टेडियम रोड दाड़ी, धौलाधार कालोनी, बड़ोल, दाड़ी से चैतडू की ओर वाया पास्सू, लोअर सकोह से चेलियां, अपर सकोह से वाया रेडियो कालोनी होते हुए कोतवाली, चिलगाड़ी में चकाचक सड़के हैं, लेकिन सरकार और निजी परिवहन सुविधा नहीं है। धर्मशाला की अधिकतर जनता इन्हीं क्षेत्रों में निवास करती है। लेकिन इन क्षेत्रों के लोगों को प्रयोग मात्र चुनाव में वोट लेने के लिए ही किया जाता है। कम आय वाले लोगों को या तो टैक्सी करनी पड़ती है नहीं तो आमतौर पर पैदल की यात्रा करनी पड़ती है।

पार्किंग के नाम पर आए दिन बड़ी बातें

लोगों का कहना है कि नगर निगम में पार्किंग की समस्या को समाप्त करने के लिए आए दिन बातें की जाती हैं। इन क्षेत्रों में धर्मशाला की अधिकतर जनता बसती है ,तो इन क्षेत्रों में परिवहन सुविधा दी जाए तो धर्मशाला से आधा ट्रैफिक बिना किसी कसरत के ही समाप्त होगा।  लोगों का कहना है कि जब मुख्य मार्ग बंद हो जाते हैं, तो इन मार्गों से बसंे व ट्रक भी गुजरते हैं, लेकिन तब किसी भी तरह की परेशानी नहीं होती है। इस समस्या से धर्मशाला के आसपास के सभी क्षेत्रों को समस्या उठानी पड़ती है। 

धरातल पर एक भी प्रोपोजल नहीं

धर्मशाला के स्थानीय निवासियों व बुद्धिजीवी वर्ग का कहना है कि चुनावों के  दौरान इन क्षेत्रों में प्राथमिकता के साथ इन क्षेत्रों में परिवहन सुविधा देने की बात कही जाती है, लेकिन असल में धरातल पर कोई भी ऐसा प्रोपोजल नहीं है, जो कि इस समस्या को दूर करने के लिए बनाया गया हो या इस गंभीर विषय पर किसी भी दल या नगर निगम ने विचार-विर्मश किया हो।