Friday, August 07, 2020 08:30 PM

बागबानी को कमाई का जरिया बनाएं युवा 

विभाग के उपनिदेशक डा. अशोक धीमान ने प्रशिक्षुओं को बांटी जानकारी

ऊना -बागबानी स्वरोजगार का एक अहम विकल्प है। यह बात उपनिदेशक बागबानी विभाग ऊना डा. अशोक धीमान ने नेहरू युवा केंद्र ऊना द्वारा आयोजित राष्ट्रीय युवा स्वयंसेवी प्रशिक्षण शिविर के दौरान कही। युवा प्रशिक्षुओं को बागबानी की अहमियत के बारे में जानकारी देते हुए डा. धीमान ने कहा कि रविवार को अगर युवा कृषि व बागबानी के क्षेत्र पर ध्यान दें तो यह आय का अच्छा स्रोत बन सकता है। इसके अलावा मत्स्य पालन, मुर्गी पालन, मधुमक्खी पालन, मशरूम खेती व भेड़ पालन के लिए केंद्र व राज्य सरकार अनेक योजनाएं चला रही हैं, जिसमें सबसिडी भी प्रदान की जाती है। शिविर के दूसरे सत्र में डा. दीपाली ने पशुओं के पौष्टिक आहार के बारे में विस्तार से जानकारी दी और कहा कि वर्तमान में फीड व खल के अलावा भी जानवरों के भोजन में गुणवत्ता लाई जा सकती है। इसका अजोला घास एक  बड़ा उदारहण है। उन्होंने कहा कि ये घास पानी में उगाया जाता है और फीड की 25 प्रतिशत कमी को पूरा करता है, वहीं उन्होंने दूध उत्पादन को स्वरोजगार का एक अहम हिस्सा बताया। जिला युवा समन्वयक एवं शिविर के मुख्य संचालक डा. लाल सिंह ने प्रशिक्षुओं को नेहरू युवा केंद्र संगठन के बारे में जानकारी प्रदान की। इस दौरान उन्होंने नेहरू युवा केंद्र द्वारा पूरे देश में चलाए जा रहे कोर कार्यक्रम, विशेष कार्यक्रम व को-आर्डिनेशन कार्यक्रम के बारे में भी बताया। साथ ही उन्होंने युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय द्वारा चलाई जा रही राष्ट्रीय युवा स्वयंसेवी योजना के  बारे में भी जानकारी दी। इस अवसर पर विजय भारद्वाज लेखाकार नेहरू युवा केंद्र ऊना, कोर्स को-आर्डिनेटर बीजू व राष्ट्रीय युवा स्वयंसेवी मौजूद रहे।