Friday, September 20, 2019 12:35 AM

बारिश… बाढ़… तबाही

प्रदेश भर में हुई मूसलाधार बारिश ने जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। पहाड़ों से लेकर मैदानों तक बारिश का कहर बरपा है। भारी बारिश के चलते कई लोगों की मौत हुई है, राज्य के कई क्षेत्र जलमग्न हो गए हैं, नदी-नाले उफान पर हैं, दर्जनों मकान जमींदोज हुए हैं और कई जगह घरों-दुकानों व दफ्तरों में पानी भर गया है। प्रदेश में बारिश से करीब 500 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है। जगह-जगह भू-स्खलन से यातायात प्रभावित हुआ है और कई स्थानों पर सैलानी फंस गए हैं...

छोटी काशी में पानी का तांडव

मंडी में बारिश से 20 करोड़ का नुकसान, घर-मंदिर डूबे

मंडी - लगातार 15 घंटे बारिश होने के बाद रविवार सुबह जब मंडी शहर नींद से जागा तो छोटी काशी में पानी का तांडव देखने को मिला। जिला भर में 20 करोड़ रुपए से ज्यादा का नुकसान आंका गया है।  बरसात का सबसे ज्यादा असर एनएच-21 किरतपुर-मनाली हाई-वे पर पड़ा। किरतपुर-मनाली नेशनल हाई-वे शनिवार रात से दवाड़ा के पास ठप पड़ चुका है। जिला के बल्ह, मंडी शहर, पंडोह, औट, बालीचौकी, कांढापतन, बरोट में लाखों का नुकसान तो हुआ ही बल्कि जनजीवन भी बुरी तरह प्रभावित रहा। मंडी शहर का ऐतिहासिक पंचवक्त्र मंदिर और लघु हरिद्वार कांढापतन जलमग्न हो गए। बल्ह विधानसभा के तहत डीएवी स्कूल का हिस्सा बहने के कारण स्कूल एक सप्ताह के लिए बंद कर दिया गया है। बरोट बिजली परियोजना का सरिया बह गया, जबकि शानन पॉवर हाउस में 30 घंटों से बिजली उत्पादन ठप है। जिला भर में 11 पशुओं की मौत हुई है। 323 जगह बिजली प्रभावित हुई है, जबकि तीन लोगों को प्रशासन की मदद से बचाया गया है। बारिश के कारण जिला भर में करीब 280 रोड ठप हैं। हालांकि शाम तक इनमें से 170 रूट को बहाल कर दिया गया है। मंडी शहर में नगर परिषद की गाडि़यों सहित कुछ निजी गाडि़यां भी ब्यास में बह गई हैं। जिला भर में 98 मिली मीटर बारिश हुई, यह बारिश सामन्य बारिश से 691 फीसदी ज्यादा बारिश दर्ज की गई।