Monday, August 26, 2019 10:50 AM

बारिश से ठियोग में कई सड़कें टूटीं

पिछले दिनों हुई बारिश से ठियोग में कई जगह यातायात प्रभावित

ठियोग -बरसात की पहली बारिष के कारण ठियोग में सड़कों को सबसे ज्यादा नुकसान हो रहा है। क्षेत्र की अधिकतर सड़कें यातायात के लिए पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई है। कुुछ पंचायत प्रतिनिधियों ने सरकार से संपर्क सड़क सड़कांे में सुधार के लिए अलग से धन का प्रावधान किए जाने की भी मांग की थी लेकिन अभी तक ठियोग ब्लाक को सड़कों के सुधार के लिए न तो विभाग को कोई राषी दी गई है और न ही पंचायतों में स्पैशल फंड सरकार की ओर से दिया गया है। बारिश से ग्रामीण क्षेत्रों में संपर्क सड़कों को सबसे अधिक नुकसान हो रहा है। जिससे कि यातायात पर असर पड़ा है। ग्रामीण क्षेत्रों में इस कारण बसों की आवाजाही सहित वाहनों को ऐसी सड़कों पर चलाना मुश्किल हो रहा है। इन दिनों निचले क्षेत्रों में सेब की अरली वैरायिटियां मार्केट में आनी शुरू हो गई है और ऐसे में अपने माल को सड़क तक पहुंचाने में किसानों बागबानों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। इन खराब हुई सड़कों को ठीक करने की मांग किसानों बागबानों ने लोकनिर्माण विभाग के अधिकारियों से भी मंाग की है। बारिश के कारण ठियोग के अधिकतर सम्पर्क सड़कें दलदल में तबदील हो गई है। ठियोग विकास खंड के तहत आने वाली संधू बासामाहोग, लाफूघाटी पटीनल, बिशड़ी, घूंड षलौआ, रहीघाट षड़याणा, धमांदरी फागू, चियोग, हुल्ली देवठी खार, जैस नयागांव, सरीवन नागोधार, कमाह, ब्यौण सांबर कलाहर, निवड़ी कड़ेड जैस बलन, चमैच सड़क बारिष के कारण बेहद खराब हो चुकी है जिससे कि लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि ग्रामीण क्षेत्रेां में बनी अधिकतर सम्पर्क सड़कें पंचायत फंड पर तैयार की गई है। ऐसे में इन सड़कों की देखरेख कम ही की जाती है ग्रामीणों का कहना है कि इनके लिए यदि सरकार धन का प्रावधान करे तो ऐसी सड़कों में सुधार किया जा सकता है और लोगों को परेषानी का सामना नहीं करना पड़ेगा। गांवों में लिंक रोड पर कोई भी छोटी बड़ी दुर्घटना होने पर लोगों को न तो नुकसान का मुवावजा मिलता है और न ही वाहनों की इंशोरेंस का पैसा। बागबानों का कहना है कि ठियोग के अधिकतर क्षेत्रों में संपर्क मार्गों की हालत बेहद खराब है और अपने जोखिम पर मुख्य सडकों तक पहुंचना पड़ता हैं। सड़कांे की बदहाली के कारण इसके अलावा किसानों की सेब व सब्जियों पर भी गहरा असर पडा है।