Wednesday, July 08, 2020 01:56 PM

बाहरी बसें मंगवाने पर भड़के आपरेटर

बिलासपुर -प्रवासी मजदूरों को घर छोड़ने के लिए दूसरे जिलों से बसों की व्यवस्था करने पर स्थानीय निजी बस ऑपरेटर भड़क गए हैं। गुस्साए आपरेटरों ने सोमवार को जिला मुख्यालय में प्रदर्शन किया और प्रशासन के खिलाफ जोरदार नारेबाजी भी की। बस आपरेटरों का कहना है कि जब लोकल बसें उपलब्ध हैं तो फिर दूसरे जिलों से मंगाए जाने का क्या औचित्य। निजी बस आपरेटरों कैलाश शर्मा, अमरजीत सेन, अजय कुमार, सोनू ठाकुर, पंकज ठाकुर, सुनील चंदेल, पंकज ठाकुर, शरीफ मोहम्मद सहित अन्यों ने रोष जाहिर करते हुए कहा कि सोमवार सुबह जब वह एम्स साइट पर गए तो वहां बाहरी राज्यों के प्रवासी मजदूरों को ले जाने के लिए हमीरपुर जिले से चार बसों को बुलाया गया था। जब उन्हें इस मुद्दे पर जिला प्रशासन के समक्ष अपना विरोध जताया तो अधिकारियों की ओर से एक कमेटी बनाने का आश्वासन दिया गया। बस आपरेटरों का कहना है कि बाहरी राज्यों के प्रवासी श्रमिकों को छोड़ने के लिए बसों की आवश्यकता पर न तो उन्हें पूछा गया और न ही उनसे संपर्क किया गया, जबकि सरकारी रेट पर प्रवासी श्रमिकों को ले जाने के लिए वे भी तैयार थे, लेकिन उन्हें पूछा तक नहीं गया। इसके विपरीत हमीरपुर जिले से बसें मंगाई गई। इन आपरेटरों ने इस बात पर दुख जताया और कहा कि कोविड-19 के कारण काम नहीं होने से बस आपरेटरों की आर्थिक हालत किसी से छिपी नहीं है। उन्होंने कहा कि यह काम बिलासपुर के बस आपरेटरों को ही मिलना चाहिए। ऐसी विकट परिस्थिति में बाहरी जिलों के आपरेटरों को काम देना तर्कसंगत नहीं है। उन्होंने जिला प्रशासन से इस मुद्दे पर उचित कार्रवाई करने व बिलासपुर के बस आपरेटरों के हितों की रक्षा करने की मांग की है। वहीं, उधर, इस संदर्भ में जब जिलाधीश राजेश्वर गोयल से बात की गई तो उन्होंने बताया कि अभी तक इस तरह का कोई मामला उनके पास नहीं आया है, लेकिन यदि बस आपरेटरों की ओर से कोई शिकायत आती है तो निश्चित तौर पर कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।