Thursday, October 17, 2019 01:16 AM

बिगड़ी सूरत को संवारने पुणे से आएंगे माहिर

सौरभ वन विहार को पुराने रूप में लाने के लिए ईएनसी की अध्यक्षता में विशेषज्ञ करेंगे दौरा 

पालमपुर -सौरभ वन विहार को फिर से पुराने स्वरूप में लाने के लिए ईएनसी की अध्यक्षता में विशेषज्ञ टीम पुणे से आएगी। यह प्रक्रिया अगले दो माह में पूर्ण कर ली जाएगी। वहीं, उपमंडल के भट्टू में 35 लाख की लागत से निर्मित किसान कलेक्शन सेंटर को छह माह में आरंभ कर दिया जाएगा। किसान कलेक्शन सेंटर के शुरू होने से किसानों को अपने उत्पाद बेचने में मदद मिलेगी। राज्य योजना बोर्ड के उपाध्यक्ष और विस प्राक्कलन समिति के अध्यक्ष रमेश धवाला की अगवाई में विधायक नरेंद्र ठाकुर, जगत सिंह नेगी और राजेंद्र राणा ने पालमपुर क्षेत्र में जायका के तहत परियोजनाओं के साथ बारिश से तहस-नहस हो चुके प्रसिद्ध र्प्यटक स्थल सौरभ वन विहार का निरीक्षण किया। समिति के सदस्यों ने किसानों से बातचीत भी की। प्राक्कलन समिति ने सरकारी सिद्धपुर में 75 लाख 84 हजार से निर्मित बहाव सिंचाई योजना, खड़ौठ में एक करोड़ 53 लाख से निर्मित स्पडुल कूहल और एक करोड़ 47 लाख से निर्मित पठान कूहल का निरीक्षण किया। प्राक्कलन समिति ने सौरभ वन विहार का भी निरीक्षण किया और वहां हुए नुकसान का जायजा लिया। प्राक्कलन समिति के अध्यक्ष रमेश चंद धवाला ने कहा कि किसानों को फसल विविधिकरण से आर्थिक रूप में सुदृढ़ करने के लिए जापान के सहयोग से प्रदेश में 341 करोड़ रुपए की जायका परियोजना पांच जिलों में चल रही है। परियोजना की सफलता को जमीनी स्तर पर जांचने परखने के लिए प्राक्कलन समिति प्रदेश के दौरे पर है। श्री धवाला ने कहा कि सौरभ वन विहार को पुनः स्थापित किया जाएगा और इसके लिए धन की कोई कमी नहीं है।

ये रहे मौजूद 

प्राक्कलन समिति के साथ परियोजना निदेशक जायका डा. विनोद, उपनिदेशक कृषि डा. एनके धीमान, जिला परियोजना प्रबंधक जायका डा. राजेश सूद, उपपरियोजना निदेशक डा. किशन चंद, एसडीएम पंकज शर्मा, खंड परियोजना प्रबंधक जायका बिंता सूद, तहसीलदार वेद प्रकाश अग्निहोत्री, डीएफओ संजय सैन, अधिशाषी अभियंता आईपीएच संजय ठाकुर सहित कृषि व वन विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।