Tuesday, September 17, 2019 02:36 PM

बिजली के डर से नहीं लगवा रहे सीसीटीवी

गगरेट -असामाजिक तत्त्वों पर नजर रखने के लिए उपमंडल गगरेट में तीसरी आंख का पहरा बिठाना पुलिस के लिए टेढ़ी खीर साबित होने लगा है। हालांकि पुलिस थाना गगरेट में सात हाई रेजोल्यूशन कैमरे भी पहुंच चुके हैं, लेकिन इन्हें इंस्टाल करवाना पुलिस के लिए मुसीबत का सबब बन गया है। दरअसल विभाग ने तीसरी आंख का पहरा बिठाने के लिए सीसीटीवी कैमरे तो उपलब्ध करवा दिए हैं, लेकिन इनके बिल की अदायगी का कोई प्रावधान नहीं रखा गया है। यही वजह है कि स्थानीय लोग भी इनका बोझ अपने सिर लेने से टल रहे हैं। तकनीक के इस आधुनिक युग में सीसीटीवी कैमरे पुलिस के लिए असामाजिक तत्त्वों पर नजर रखने के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। यही वजह है कि उपमंडल की हर प्रमुख सड़क पर पुलिस ने सीसीटीवी कैमरे का पहरा बिठाने का निर्णय लिया था और करीब सत्रह-अठारह लाख रुपए मूल्य के नाइट विजन हाई रेजोल्यूशन सीसीटीवी कैमरे भी पुलिस के पास पहुंच चुके हैं, लेकिन जब इन्हें इंस्टाल करने की बारी आई तो बिजली के बिल के भुगतान का झंझट देखकर स्थानीय लोगों ने भी पुलिस की मदद करने से हाथ पीछे खींच लिए। हालांकि पुलिस ने दौलतपुर चौक में एक सीसीटीवी कैमरा किसी दुकान पर इंस्टाल भी करवाया और बाद में जब दुकानदार के पास पंद्रह सौ रुपए का बिजली का बिल आया तो उसके भी कान खड़े हो गए।  उधर, एसएचओ हरनाम सिंह का कहना है कि समाज अपराधमुक्त हो इसके लिए लोगों को भी आगे आना चाहिए। सीसीटीवी कैमरे क्षेत्र को अपराधमुक्त रखने के लिए ही हैं।