Wednesday, November 13, 2019 02:59 PM

बिजली दरों से उपभोक्ता परेशान

- डी. आर. जगोत्रा,ज्वालामुखी

हिमाचल प्रदेश के ग्रामीण वासी, जो घरेलू बिजली का इस्तेमाल करते हैं। आज वर्तमान में बिजली बोर्ड की कार्यशैली पर स्वालिया प्रश्न बनता जा रहा है जिससे वेलफेयर सरकार की नीति है कि सभी को पानी-बिजली के कनेक्शन उपलब्ध हों, जिसकी माननीय उच्च न्यायालय हिमाचल प्रदेश न्याय जजमेंट प्रदान कर चुके है कि इस आड़ में बिजली मीटर उपलब्ध करवा रहा है, उसकी सिक्योटी का भी ग्रामीण जनता पर ज्यादा भार डाल रखा है कि मीटर घरेलू न मान कर कामर्शियल किए गये है। भोली-भाली जनता मीटर ले रही है कि उसमें न तो सबसिडी है बल्कि सेवनखर्च अपूर्ति बिजली की दरें लगभग प्रति यूनिट 10 रुपए बैठ रही हैं। बिलों में हजारों की बढ़ोतरी जो जीवन पर्याप्त तक जारी रहेगा अन्याय है। दो नियम लागू करके दरों की बढ़ोतरी- सबसिडी समाप्त एक ही गांव व एक ही छत के नीचे। सरकार से ग्रामीण लोगों की मांग है कि गांवों में रहने वाले घरेलू बिजली इस्तेमाल कर रहे हैं मीटर स्थायी लगाए जाते हैं जो अस्थायी लगाए गए हैं। उन्हें शीघ्र स्थायी करके बराबर दरें निर्धारित की जाएं।