Thursday, August 06, 2020 06:08 AM

बिना ग्राम सभा अप्रूव होंगे पंचायत कार्य

पंचायतें खुद तैयार और बदल सकेंगी शैल्फ, खर्च होगा 15वें वित्तायोग का पैसा

शिमला – पंचायतें 14वें वित्तायोग के बाद 15वें वित्तायोग की राशि को खर्च करने के लिए खुद शैल्फ तैयार कर सकती हैं और बदल सकती हैं। सरकार ने पंचायतों को इसका अधिकार दे दिया है। यह अधिकार ग्राम सभा के पास रहता है, मगर कोविड के कारण ग्राम सभाएं नहीं हो सकती हैं, इसलिए सरकार ने निर्णय लिया है कि ग्राम पंचायतें अपने स्तर पर शैल्फ बनाएं। कोरोना काल में ग्राम सभाओं की बैठकें  संभावित नहीं हैं। सामाजिक दूरी को  कायम रखने के लिए जरूरी है कि इस तरह की बैठकें न हों, मगर ग्राम सभा न होने से गांव का विकास प्रभावित न हो, इसे सरकार ने ध्यान में रखा है। यही वजह है कि 15वें वित्तायोग की राशि खर्च करने के लिए ग्राम पंचायतों को अधिकृत किया गया है और वही अपने स्तर पर नए शैल्फ बना सकती हैं। अभी 14वें वित्तायोग का बचा हुआ पैसा खर्च किया जा रहा है। यह राशि भी करोड़ों रुपए की है, जो बच गई थी। गांव में कोविड काल में दो महीने तक पूरी तरह से काम ठप पड़े हुए थे। वह पैसा भी बचा हुआ है। ग्राम पंचायतों को पंचायती राज विभाग ने निर्देश दिए हैं कि अक्तूबर महीने तक जो काम चल रहे हैं, उनको पूरा कर दिया जाए। इसके बाद 15वें वित्तायोग से मिली राशि से काम शुरू होंगे। तब तक नए शैल्फ भी तैयार हो जाएंगे। पंचायतों को कहा गया है कि 15वें वित्तायोग से कौन-कौन से काम किए जाने हैं, इसका ब्यौरा दें। हर पंचायत अपने सचिवों के माध्यम से आगे बताएंगी कि क्या-क्या काम वह लोग करना चाहते हैं और वह कब तक पूरे हो जाएंगे। इतना ही नहीं, जिला में ब्लॉक लेवल अधिकारी की भी जिम्मेदारी तय की जाएगी। उन्हें अक्तूबर महीने तक किए जाने वाले कार्यों को पूरी तरह से सुनिश्चित बनाने को कहा गया है। एक तरह से इसे पंचायत चुनाव से पहले ही तैयारी भी माना जा सकता है।

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