Tuesday, November 19, 2019 03:00 AM

बिना ग्लव्ज उठा रहे कूड़ा

नादौन अस्पताल के सफाई कर्मचारियों नेे सुविधाएं न होने का जड़ा आरोप नादौन - नादौन अस्पताल में सफाई के लिए हर माह ठेकेदार को करीब एक लाख 75 हजार की अदायगी की जा रही है। वहीं नियमानुसार सफाई कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए उन्हें र्ग्लव्ज, कैप, मास्क, वर्दी, गम बूट सहित अन्य सुविधाएं ठेकेदार द्वारा उपलब्ध करवाना तय है, परंतु कर्मचारी समय पर यह सुविधाएं न मिलने से नंगे हाथों से ही सफाई करते हुए देखे जा सकते हैं, जबकि इनमें से कई सुविधाएं तो उपलब्ध ही नहीं करवाई गई हैं। अस्पताल परिसर में संक्रमण से बचने के लिए मशीन द्वारा फर्श पर पोछा लगाना आवश्यक है, लेकिन जो मशीनें उपलब्ध करवाई गई हैं वह काफी समय से खराब पड़ी हैं, जिस कारण कर्मचारियों के साथ-साथ रोगियों की सेहत के साथ भी खिलवाड़ हो रहा है। नादौन अस्पताल में कार्यरत सफाई कर्मचारियों के पास न तो वर्दी है और न ही अन्य सुविधाएं। यह आरोप लगाते हुए नगर पंचायत के पूर्व उपाध्यक्ष तरुण कपिल एवं मनोनीत पार्षद श्याम सोनी, योगराज तथा मनोज ने कहा है कि गत पांच वर्षों से यह कर्मचारी एक ही ठेकेदार के पास कार्य कर रहे हैं, परंतु उन्हें मूलभूत सुविधाएं तक उपलब्ध नहीं करवाई गई हैं। उन्होंने बताया कि इन कर्मचारियों को समय पर वेतन भी नहीं दिया जाता है और जो दिया जाता है वह निमयों के अनुरूप नहीं है, जिस कारण इस वर्ग को कई तरह की परेशानियों से जूझना पड़ता है। इतना ही नहीं इन सफाई कर्मचारियों का ईपीएफ काटा भी जाता है या नहीं, कर्मचारियों को पांच सौ रुपए काटे जाने बारे बताया गया था, परंतु इस बारे उन्हें कोई जानकारी नहीं है। हैरानी की बात है कि यहां कर्मचारियों को पांच वर्षों में केवल एक ही बार वर्दी दी गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि इन कर्मचारियों का शोषण किया जा रहा है, क्योंकि कुछ कर्मचारी तो गत 15 वर्षों से भी अधिक समय से यहां आज तक एक ही समान वेतन पर कार्य कर रहे हैं। ऐसे में उन्हें चिंता लगी रहती है कि यदि उन्हें कहीं ठेकेदार ने काम से निकाल दिया, तो वह कहां जाएंगे। झाड़ू और पोछे भी करीब पांच माह के बाद ही दिए जाते हैं, जिस कारण कर्मचारी टूटे हुए झाडुओं से सफाई करने को मजबूर हैं। उन्होंने कहा कि अस्पताल में कार्य कर रहे इन कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए कई तरह की हिदायतें व नियम हैं, परंतु इन नियमों की पूरी तरह से उल्लंघना की जा रही है। उन्होंने सरकार से मांग की है कि कर्मचारियों को यह सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए ठेकेदार को कड़े निर्देश दिए जाएं।  इस बारे सफाई का ठेका लेने वाले ठेकेदार बलदेव कुमार ने सभी आरोपों को नकारते हुए पूरी सुविधाएं उपलब्ध करवाने का दावा किया है, जबकि जिला चिकित्साधिकारी डा. अर्चना सोनी ने बताया कि मामले की छानबीन की जाएगी और जहां भी कमी होगी उसे शीघ्र पूरा किया जाएगा।