Saturday, September 21, 2019 04:38 PM

बिना टैक्स चल रही बसों के मालिकों को मांगा मौका

ठियोग -हिमाचल निजी बस ऑपरेटर यूनियन ने कहा है कि बिना पासिंग और बिना टैक्स से चल रही बसों के मालिकों को एक बार मौका दे देना चाहिए। यहां जारी एक बयान में हिमाचल प्रदेश निजी बस ऑपरटर यूनियन के प्रदेश महासचिव रमेश कमल ने कहा कि कोई भी आदमी जानबूझ कर डिफाल्टर नहीं होना चाहता है। कई बार मजबूरी भी बन जाती है। उन्होंने कहा कि सीधा बस जब्त करने के बजाय एक बार नोटिस देकर बस ऑपरेटर को बुलाया जाना चाहिए, ताकि कम से कम 25 प्रतिशत टैक्स जमा करवा कर अपने सारे कागज़ात सही कर सके। उन्होंने कहा कि शिमला में कई निजी बसें जब्त कर ली है जबकि हिमाचल पथ परिवहन निगम का 2008 के बाद सैकड़ों करोड़ रुपया विशेष पथकर बकाया है लेकिन उनका परमिट भी नवीनीकरण हो रहा है और इनकी बसों की पासिंग भी हो रही है। सरकार द्वारा निजी बस ऑपरेटर और निगम के लिए दोहरी नीति अपनाई जाती है। क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकरण की बैठक में निजी बसो को न तो नये परमिट दिए जाते है और न ही 24 किमी से ज्यादा संशोधन किया जाता है जबकि एचआरटीसी के लिये कोई भी कानून लागू नहीं होता। उन्होंने कहा कि जब पूरे देश में मोटर वाहन अधिनियम एक तरह का है तो सरकारी और निजी बसो के लिए भी एक ही कानून लागू होना चाहिए। उन्होंने कहा कि या तो बिना टैक्स से चल रही सरकारी बसों को भी टैक्स जमा करने के बाद ही रूट परमिट का नवीनीकरण और फिटनेस की जाए या फिर निजी बसों को भी इसमें छूट दी जाए।